सऊदी अरब ने यमन के Socotra Archipelago में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। यहाँ सऊदी अरब की मदद से ‘College of Education, Humanities, and Applied Sciences’ की स्थापना की गई है। इस नए कॉलेज से इलाके के छात्रों को यूनिवर्सिटी लेवल की पढ़ाई और खास कोर्स करने का मौका मिलेगा।
यह नया कैंपस 19,000 वर्ग मीटर के बड़े इलाके में फैला हुआ है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट (SFD) ने पैसा दिया है। इसका मकसद वहां के एजुकेशन ढांचे को मजबूत करना है ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए ज्यादा भटकना न पड़े।
प्रोजेक्ट का जायजा और सरकारी अपडेट
19 मार्च 2025 को राष्ट्रपति Aidarous Qassem Al-Zubaidi ने कॉलेज के काम का जायजा लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट के अलग-अलग चरणों और इसकी सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने सऊदी अरब के इस प्रयास की तारीफ की और कहा कि यह प्रोजेक्ट इलाके के टिकाऊ विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा।
जनवरी 2026 में सऊदी अरब ने यमन के लिए 1.9 बिलियन सऊदी रियाल का एक विकास पैकेज घोषित किया था। इस पैकेज में सोकोट्रा में एक टेक्निकल इंस्टीट्यूट और एजुकेशन कॉलेज बनाना शामिल था। सोकोट्रा के गवर्नर Ra’afat Al-Thaqali ने 27 जनवरी 2026 को बताया कि आने वाले दो सालों के भीतर इस कॉलेज और टेक्निकल इंस्टीट्यूट का उद्घाटन कर दिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाना
सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन (SDRPY) ने यहाँ ‘Enhancing Education Stability’ नाम की एक पहल शुरू की है। इसकी मदद से Socotra University और अन्य सुविधाओं को फिर से चालू किया गया है। 5 फरवरी 2026 तक इसके लिए पूरा ऑपरेशनल फंड कन्फर्म कर दिया गया था।
बिजली के संकट के बाद, 19 फरवरी 2026 तक सोकोट्रा यूनिवर्सिटी और टेक्निकल इंस्टीट्यूट में पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं। सऊदी अरब ने इन खर्चों को उठाने में मदद की है ताकि वहां के छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
