सऊदी अरब ने हज यात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। General Authority of Civil Aviation (GACA) ने जेद्दा और मदीना एयरपोर्ट पर ‘मक्का रूट पहल’ (Makkah Route Initiative) के तहत आने वाले यात्रियों के लिए खास लाउंज की व्यवस्था की है। इस सुविधा से यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और वे सीधे अपने होटल जा सकेंगे।
मक्का रूट पहल क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस पहल का मुख्य मकसद हज यात्रियों के लिए कागजी कार्रवाई को उनके अपने देश में ही पूरा करना है। इसके तहत यात्रियों के बायोमेट्रिक डेटा लिए जाते हैं, इलेक्ट्रॉनिक हज वीज़ा जारी किए जाते हैं और पासपोर्ट कंट्रोल के साथ स्वास्थ्य जांच भी प्रस्थान एयरपोर्ट पर ही पूरी कर ली जाती है।
- सामान की सुविधा: यात्रियों के सामान को उनके होटल के हिसाब से पहले ही कोड और सॉर्ट कर दिया जाता है।
- डायरेक्ट ट्रांसफर: सऊदी अरब पहुँचने के बाद यात्रियों को सीधे बसों में बैठाकर मक्का और मदीना के होटलों में भेजा जाता है।
- समय की बचत: इस पूरी प्रक्रिया की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी कतारों में खड़े नहीं होना पड़ता और उनका सामान भी सीधे उनके पास पहुँच जाता है।
मक्का में एंट्री के नियम और बिना परमिट के यात्रा पर जुर्माना
हज सीजन के दौरान मक्का शहर में प्रवेश के नियम बहुत सख्त रखे गए हैं। केवल वही लोग शहर में जा सकते हैं जिनके पास आधिकारिक परमिट है। इसमें मक्का का वर्क परमिट, वहां का रेजिडेंसी परमिट या वैध हज परमिट शामिल है।
- विजिट वीज़ा: यह बात साफ कर दी गई है कि विजिट वीज़ा पर आए लोग हज नहीं कर सकते।
- सख्त जुर्माना: बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब आने पर रोक लगा दी जाएगी।
- परमिट आवेदन: मक्का एंट्री परमिट के लिए आवेदन अब पूरी तरह डिजिटल हो गया है और यह Absher Individuals प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा सकता है।
हज 2026 के लिए अब तक के बड़े अपडेट
इस साल हज की तैयारी तेजी से चल रही है और सुरक्षा बलों ने 19 अप्रैल 2026 से ही प्रवेश प्रतिबंध लागू कर दिए थे। मक्का रूट पहल के तहत पहली फ्लाइट्स 22 अप्रैल 2026 को इंडोनेशिया के सुराबाया और जकार्ता से रवाना हुईं और मदीना एयरपोर्ट पहुँचीं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लाभार्थी (2017 से अब तक) | 1,254,994 यात्री |
| विस्तार | 10 देश और 17 एंट्री पॉइंट |
| नए शामिल देश | सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम |
| डिजिटल पार्टनर | stc group |