सऊदी अरब गाज़ा के लोगों की मदद के लिए लगातार हाथ बढ़ा रहा है. किंग सलमान रिलीफ सेंटर (KSrelief) के ज़रिये वहां खाने-पीने का सामान और दवाइयाँ भेजी जा रही हैं. हाल ही में ऐसी खबरें आई हैं कि सऊदी की इस मदद का आंकड़ा आधा अरब डॉलर के पार पहुँच गया है.

गाज़ा में सऊदी अरब ने अब तक क्या-क्या मदद भेजी?

सऊदी अरब ने हवाई, समुद्री और जमीनी रास्तों से गाज़ा तक राहत सामग्री पहुँचाने का काम किया. किंग सलमान रिलीफ सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 तक 77 विमान और 8 जहाज़ों के ज़रिये 7,699 टन से ज़्यादा भोजन, दवाइयाँ और शेल्टर का सामान भेजा गया. इसके अलावा 912 राहत ट्रक भी गाज़ा पहुँचे और फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को 20 एम्बुलेंस दी गईं. अप्रैल 2026 में वहां के विस्थापित परिवारों के लिए 24,000 गरम भोजन के पैकेट बांटे गए और मई 2026 में टेंट और राशन की नई खेप भेजी गई.

मदद के लिए कितना पैसा खर्च हुआ और कैसे जुटाया गया?

सऊदी सरकार के अलावा वहां के आम लोगों ने भी गाज़ा के लिए बड़ी रकम जुटाई. दिसंबर 2025 तक लोकप्रिय फंडरेज़िंग कैंपेन के ज़रिये 600 मिलियन सऊदी रियाल (करीब 160 मिलियन अमेरिकी डॉलर) इकट्ठे हुए, जिसमें 3.5 लाख से ज़्यादा लोगों ने दान दिया. साथ ही सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर गाज़ा में मानवीय प्रोजेक्ट्स के लिए 90.35 मिलियन डॉलर के समझौते भी किए थे.

पुनर्निर्माण और भविष्य की योजना क्या है?

सऊदी अरब ने गाज़ा के पुनर्निर्माण को लेकर अपनी शर्तें साफ़ रखी हैं. फरवरी 2026 में विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने कहा था कि पुनर्निर्माण के लिए फंड तब दिए जाएंगे जब इसराइली सेना की वापसी और हमास के निशस्त्रीकरण पर स्थिति साफ़ होगी. इसके साथ ही सऊदी सरकार ने फिलिस्तीनी सरकार के सुधार कार्यक्रम का समर्थन किया है ताकि वहां स्थिरता लौट सके और मानवीय मदद बिना किसी रुकावट के पहुँचती रहे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने गाज़ा के लिए कितनी वित्तीय मदद दी है?

जनता द्वारा जुटाए गए दान में दिसंबर 2025 तक 600 मिलियन सऊदी रियाल (लगभग 160 मिलियन डॉलर) शामिल थे और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के लिए 90.35 मिलियन डॉलर का समझौता किया गया था.

किंग सलमान रिलीफ सेंटर ने गाज़ा में क्या सहायता प्रदान की?

सेंटर ने 7,699 टन से ज़्यादा खाद्य और चिकित्सा सामग्री, 20 एम्बुलेंस और हज़ारों की संख्या में भोजन के पैकेट और शेल्टर टेंट गाज़ा पहुँचाए हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.