वाशिंगटन में सऊदी अरब की राजदूत राजकुमारी रीमा बिंत बंदर बिन सुल्तान और खाड़ी देशों (GCC) के दूतों ने अमेरिकी सांसदों के साथ सुरक्षा पर अहम चर्चा की है। इस मीटिंग में क्षेत्रीय सुरक्षा और आत्मरक्षा के अधिकार को लेकर कड़ा संदेश दिया गया है। बैठक में जॉर्डन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए और सभी ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।

सुरक्षा को लेकर क्या बड़े फैसले लिए गए?

अमेरिकी सीनेटर जिम रिश और जीन शाहीन के साथ हुई इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा के हालातों पर चर्चा हुई है। दूतों ने साफ किया है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत देशों को अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का अधिकार है। हाल ही में सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में कई ड्रोन्स को नष्ट किया गया था, जिसके बाद यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुरक्षा को लेकर खाड़ी देशों ने एक सुर में अपनी बात रखी है और भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर भी विचार किया है।

हालिया घटनाक्रम और सुरक्षा से जुड़े मुख्य तथ्य

सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। हाल के दिनों में हुई घटनाओं और आधिकारिक बयानों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

तारीख/नियम मुख्य जानकारी
17 मार्च 2026 सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 37 दुश्मन ड्रोन्स को मार गिराया
18 मार्च 2026 रियाद में इस्लामिक देशों ने हमलों की कड़ी निंदा की
संयुक्त सुरक्षा समझौता एक सदस्य पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा
मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सप्लाई और समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना

इस बातचीत का मकसद अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इसमें रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को रोकने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि ऊर्जा सप्लाई और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.