सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। General Authority for Statistics (GASTAT) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी में 4.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यह साल 2020 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है, जिसने देश के आर्थिक आंकड़ों पर सीधा असर डाला है।
गिरावट का मुख्य कारण क्या है
इस मंदी का सबसे बड़ा कारण तेल से होने वाली गतिविधियों में आई 24.7 फीसदी की कमी है। तेल के उत्पादन में इस बड़ी गिरावट ने जीडीपी ग्रोथ पर नकारात्मक असर डाला है। इसके विपरीत, गैर-तेल गतिविधियों यानी नॉन-ऑयल सेक्टर में 0.6 फीसदी और सरकारी गतिविधियों में 0.9 फीसदी की मामूली वृद्धि देखने को मिली है।
त्रैमासिक आधार पर स्थिति
अगर हम पिछली तिमाही से तुलना करें, तो जीडीपी में 4.9 फीसदी की गिरावट आई है। यह आंकड़ा पहली तिमाही में दर्ज की गई 3.0 फीसदी की बढ़त के ठीक उल्टा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में तेल गतिविधियों में 21.5 फीसदी और नॉन-ऑयल गतिविधियों में 0.5 फीसदी की कमी हुई है, जबकि सरकारी कामकाज में 0.2 फीसदी का मामूली सुधार हुआ है।
