सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकारी आंकड़ों से नई जानकारी सामने आई है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी में 4.8 प्रतिशत की साल-दर-साल गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट की मुख्य वजह तेल के कारोबार में आई 24.7 प्रतिशत की कमी है, जिसने देश की कुल आर्थिक विकास दर को प्रभावित किया है।
🗞️: Dubai Job Scam: फिलीपींस में फर्जी नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, 18 लोगों से वसूले 11.5 लाख रुपये।
गैर-तेल क्षेत्र में लगातार हो रही है बढ़ोतरी
तेल सेक्टर में मंदी के बावजूद अच्छी खबर यह है कि सऊदी का गैर-तेल क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ रहा है। 2025 की दूसरी तिमाही की तुलना में इस बार गैर-तेल अर्थव्यवस्था में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, सरकारी गतिविधियों में भी 0.9 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है, जिससे आर्थिक दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिली है।
तिमाही आधार पर बात करें तो पिछले तीन महीनों के मुकाबले जीडीपी में 4.9 प्रतिशत की कमी रही। इसमें तेल गतिविधियों में 21.5 प्रतिशत और गैर-तेल गतिविधियों में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान सरकारी गतिविधियों में 0.2 प्रतिशत की धीमी गति से ही सही, लेकिन बढ़ोतरी बनी रही। सऊदी अरब सरकार गैर-तेल क्षेत्र को बढ़ावा देकर अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रही है।
