सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में एक बार फिर मजबूती देखी गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी (GDP) में बढ़ोतरी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा हाथ उन कामों का रहा है जिनका तेल से कोई लेना-देना नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब देश की तरक्की के लिए केवल तेल पर निर्भरता कम हो रही है।

सऊदी GDP में कितनी बढ़ोतरी हुई और मुख्य कारण क्या रहे?

GASTAT (General Authority for Statistics) ने बताया कि साल 2026 की पहली तिमाही में जीडीपी 2.8% बढ़ी है। इसमें नॉन-ऑयल सेक्टर ने 2.8% की वृद्धि की, जो ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण बना। तेल क्षेत्र में भी 2.3% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सरकारी कामों में 1.5% का इजाफा हुआ।

आर्थिक आंकड़ों की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

सेक्टर/इंडिकेटर ग्रोथ या बदलाव
कुल GDP (साल-दर-साल) 2.8%
नॉन-ऑयल एक्टिविटीज 2.8%
ऑयल एक्टिविटीज 2.3%
गवर्नमेंट एक्टिविटीज 1.5%
नेट टैक्स (उत्पाद पर) 0.2%
तिमाही GDP (सीजनली एडजस्टेड) -1.5%
ऑयल सेक्टर तिमाही गिरावट -7.2%
IMF ग्रोथ फोरकास्ट (2026) 3.1%

तिमाही आंकड़ों में गिरावट क्यों आई और IMF का क्या कहना है?

अगर पिछली तिमाही से तुलना करें, तो रियल जीडीपी में 1.5% की गिरावट देखी गई। इसका बड़ा कारण तेल क्षेत्र में आया 7.2% का संकुचन था। मार्च की शुरुआत में तेल उत्पादन में कटौती की वजह से यह असर दिखा।

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने सऊदी अरब के लिए 2026 की ग्रोथ फोरकास्ट को घटाकर 3.1% कर दिया है। इसका कारण क्षेत्रीय घटनाओं का तेल उत्पादन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ा असर बताया गया है। हालांकि, बाहरी झटकों के बावजूद नॉन-ऑयल सेक्टर मजबूत बना हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी जीडीपी के इन आंकड़ों का आधिकारिक स्रोत क्या है?

ये आंकड़े General Authority for Statistics (GASTAT) द्वारा जारी किए गए फ्लैश एस्टिमेट्स पर आधारित हैं, जो समय पर आर्थिक डेटा प्रदान करते हैं।

नॉन-ऑयल सेक्टर ने जीडीपी में कितना योगदान दिया?

नॉन-ऑयल सेक्टर ने कुल जीडीपी ग्रोथ में 1.7 प्रतिशत पॉइंट का योगदान दिया, जो कि सभी सेक्टरों में सबसे ज्यादा है।