सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने मंगलवार शाम रियाद में जर्मनी के विदेश मंत्री डॉ. जोहान वाडेफुल से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और मध्य पूर्व में चल रहे तनाव पर चर्चा करना था। जर्मनी ने सऊदी अरब पर हुए हालिया ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है और इस मुश्किल समय में सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है।

बैठक में क्या हुई चर्चा और जर्मनी का स्टैंड

जर्मनी के विदेश मंत्री वाडेफुल ने साफ किया कि जर्मनी ईरान द्वारा किए गए आक्रामक हमलों के सख्त खिलाफ है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की बहुत जरूरत है।

यह दौरा जर्मन विदेश मंत्री के क्राइसिस टूर का हिस्सा है। रियाद पहुंचने से पहले मंगलवार को ही उन्होंने इस्राइल का भी दौरा किया था। उनका मुख्य मकसद वर्तमान तनाव को कम करने के लिए सऊदी अरब के साथ मिलकर नए रास्ते तलाशना है ताकि शांति बनी रहे।

हालिया हमलों और सुरक्षा का माहौल

यह अहम कूटनीतिक बैठक ऐसे समय में हुई है जब रविवार को रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित अल-खर्ज इलाके में एक संदिग्ध ईरानी हमला हुआ था। इस हमले में दो लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा हाल ही में रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमला हुआ था जिससे मामूली नुकसान की खबर आई थी।

सऊदी अरब अपने नागरिकों और वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार 11 मार्च को सऊदी विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ फोन पर भी खास बातचीत की है।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सरकार सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रही है। रमजान के आखिरी दिनों में हो रही इन बैठकों का सीधा असर क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर पड़ेगा।