सऊदी अरब अब दुनिया भर में खनिजों (Minerals) के व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है। सऊदी के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री Bandar Alkhorayef ने बताया कि सऊदी अरब की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के खनिज उत्पादकों और खरीदारों को जोड़ने के लिए सबसे सही जगह बनाती है। यह कदम सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल है।

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सऊदी अरब खनिजों के क्षेत्र में क्या बड़ा बदलाव ला रहा है?

मंत्री Bandar Alkhorayef ने 30 अप्रैल 2026 को यह बात कही कि सऊदी अरब दुनिया के लिए एक पुल की तरह काम करेगा। उन्होंने इस्तांबुल में हुए क्रिटिकल मिनरल्स फोरम में भी इस बात पर जोर दिया। इस योजना के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: सऊदी अरब सरकारों, प्राइवेट कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेगा ताकि खनिजों की सप्लाई चेन को बेहतर बनाया जा सके।
  • वर्ल्ड बैंक की मदद: माइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और निवेश बढ़ाने के लिए वर्ल्ड बैंक जैसे वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की जाएगी।
  • वैश्विक भूमिका: सऊदी अरब अपनी आर्थिक ताकत और सही लोकेशन का इस्तेमाल करके खनिज उत्पादक और उपभोक्ता देशों के बीच की दूरी को खत्म करेगा।

माइनिंग सेक्टर में निवेशकों के लिए क्या नई सुविधाएं होंगी?

सऊदी सरकार ने माइनिंग सेक्टर को दुनिया भर के निवेशकों के लिए आसान और आकर्षक बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे।

  • माइनिंग इन्वेस्टमेंट लॉ: सरकार ने एक नया कानून बनाया है जो दुनिया भर के निवेशकों के लिए प्रतिस्पर्धी है और उनके हितों का ख्याल रखता है।
  • लाइसेंस में तेजी: माइनिंग लाइसेंस जारी करने के समय को कम किया जा रहा है। अब लक्ष्य इसे लगभग 90 दिनों के भीतर पूरा करने का है।
  • नई तकनीक का इस्तेमाल: उत्पादन बढ़ाने और पर्यावरण को बचाने के लिए माइनिंग में आधुनिक तकनीक और इनोवेशन का उपयोग किया जाएगा।

सऊदी विजन 2030 और खनिजों का क्या संबंध है?

सऊदी अरब अपने देश की कमाई के जरिए सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसीलिए ‘सऊदी विजन 2030’ के तहत माइनिंग सेक्टर को अर्थव्यवस्था का एक मुख्य आधार बनाया गया है।

  • BRIDGE प्रोग्राम: नेशनल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड लॉजिस्टिक्स प्रोग्राम (NIDLP) के तहत BRIDGE प्रोग्राम शुरू किया गया है ताकि माइनिंग तकनीक में नए स्टार्टअप्स को जोड़ा जा सके।
  • आर्थिक विविधता: खनिजों के क्षेत्र में तरक्की से देश की अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी और ग्लोबल मार्केट में सऊदी की पकड़ और मजबूत होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब खुद को खनिजों के लिए एक पुल क्यों कह रहा है?

सऊदी अरब की भौगोलिक स्थिति और उसकी आर्थिक मजबूती इसे दुनिया भर के खनिज उत्पादक देशों और उनके खरीदारों को आपस में जोड़ने के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है।

माइनिंग लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया में क्या बदलाव हुआ है?

सऊदी सरकार अब माइनिंग लाइसेंस जारी करने के समय को घटाकर लगभग 90 दिन करने का लक्ष्य रख रही है ताकि निवेश को तेजी से बढ़ावा मिले।