सऊदी अरब ने दुनिया भर के देशों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में हाथ मिलाने की अपील की है। किंगडम चाहता है कि AI तकनीक का फायदा सिर्फ कुछ अमीर देशों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी इंसानियत और पर्यावरण की भलाई के लिए इस्तेमाल हो। इसके लिए सऊदी अरब एक ग्लोबल पार्टनरशिप बनाना चाहता है ताकि तकनीकी दूरियों को खत्म किया जा सके।

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, 6 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर यह बात कही गई। सऊदी अरब का मकसद एक ऐसा ग्लोबल सिस्टम बनाना है जिससे AI का इस्तेमाल पूरी दुनिया के फायदे और धरती की सुरक्षा के लिए हो सके।

जेनेवा में बड़ी बैठक और सऊदी का प्रतिनिधित्व

इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सऊदी अरब का एक बड़ा सरकारी दल स्विट्जरलैंड के जेनेवा में ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ में हिस्सा ले रहा है। यह बैठक 6 और 7 जुलाई 2026 को ‘AI for Good Global Summit’ के दौरान हो रही है। इस दल की अगुवाई संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Abdullah Alswaha कर रहे हैं।

delegation में ये खास लोग शामिल हैं:

  • Abdullah Alghamdi: सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) के अध्यक्ष।
  • Abdulmohsen bin Khothaila: जेनेवा में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि।
  • Latifa bint Mohammed Al-Abdulkarim: सऊदी शूरा काउंसिल की सदस्य और UN सलाहकार।

2026 को बनाया ‘AI का साल’

सऊदी कैबिनेट ने मार्च 2026 में ही इस साल को ‘Year of Artificial Intelligence’ घोषित कर दिया था। सरकार चाहती है कि देश में AI के इस्तेमाल और इसके विकास की रफ्तार को बढ़ाया जाए। इसके लिए SDAIA ने पूरे देश के लिए गाइडलाइंस भी जारी की हैं।

सऊदी अरब ने फरवरी 2026 में ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) की सदस्यता भी ली। ऐसा करने वाला सऊदी अरब पहला अरब देश बन गया है। यह संस्था OECD द्वारा संचालित है और इसमें 40 से ज्यादा देश शामिल हैं जो जिम्मेदारी से AI के इस्तेमाल पर काम करते हैं।

सऊदी अरब के मुख्य लक्ष्य

सऊदी सरकार AI के जरिए कुछ खास लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है:

  • दुनिया भर में AI तकनीक तक सबकी बराबर पहुंच सुनिश्चित करना।
  • AI के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद नियम बनाना।
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को पूरा करने में मदद करना।
  • AI के क्षेत्र में दुनिया भर से बड़ा निवेश सऊदी अरब लाना।

घरेलू तैयारी और चुनौतियां

सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, सऊदी अरब अपने देश के अंदर भी तैयारी कर रहा है। जून 2026 में रियाद में ‘Global AI Show’ हुआ, जहां खुद का AI इंफ्रास्ट्रक्चर और अरबी भाषा के बड़े लैंग्वेज मॉडल बनाने के समझौते हुए। इसके अलावा 2025 में PIF ने ‘HUMAIN’ नाम की कंपनी शुरू की है जो डेटा सेंटर और कमर्शियल AI प्रोडक्ट्स पर काम कर रही है।

हालांकि, इन बड़े सपनों के बीच सऊदी अरब के सामने कुछ मुश्किलें भी हैं। इनमें सही टैलेंट की कमी, बिजली और पर्यावरण का संतुलन, और सेमीकंडक्टर चिप्स के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता जैसी बड़ी चुनौतियां शामिल हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.