सऊदी अरब ने अपने निवेश के माहौल को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी एजेंसियां उन विदेशी कंपनियों के साथ भी कॉन्ट्रैक्ट साइन कर सकेंगी जिनका सऊदी अरब में कोई रीजनल हेडक्वार्टर (Regional Headquarters) नहीं है। यह छूट कुछ खास शर्तों के साथ दी गई है ताकि सरकारी काम न रुके और जरूरी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकें। इस नए नियम का मकसद है कि बड़े काम आसानी से हों और साथ ही सऊदी का विजन 2030 भी रफ़्तार पकड़े।

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किन शर्तों पर मिलेगा सरकारी कॉन्ट्रैक्ट?

Local Content and Government Procurement Authority (LCGPA) ने इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं। अगर कोई विदेशी कंपनी इन शर्तों को पूरा करती है, तो उसे बिना लोकल ऑफिस के भी काम मिल सकता है। यहाँ मुख्य शर्तें दी गई हैं:

  • प्रोजेक्ट की कीमत: अगर किसी प्रोजेक्ट या खरीद की कीमत 10 लाख रियाल (करीब 2.66 लाख डॉलर) से कम है, तो रीजनल हेडक्वार्टर होना जरूरी नहीं है।
  • कीमत में अंतर: अगर किसी कंपनी का ऑफर सबसे अच्छा है और उसका दाम सऊदी में मौजूद हेडक्वार्टर वाली दूसरी कंपनी से 25% कम है, तो उसे कॉन्ट्रैक्ट दिया जा सकता है।
  • अकेली कंपनी: अगर किसी काम के लिए सिर्फ एक ही कंपनी ने सही बोली लगाई है, तो उसे यह काम मिल जाएगा।
  • इमरजेंसी: किसी आपातकालीन स्थिति में या जब कोई सामान सिर्फ एक ही कंपनी के पास उपलब्ध हो, तब सीधे कॉन्ट्रैक्ट किया जा सकता है।

Etimad पोर्टल पर देनी होगी जानकारी

सरकार ने साफ किया है कि यह नियम सभी के लिए खुली छूट नहीं है, बल्कि यह एक स्ट्रैटेजिक कदम है। इसके लिए सरकारी विभागों को ‘Etimad’ पोर्टल पर जाकर छूट के लिए रिक्वेस्ट डालनी होगी। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को संभाल रहा है। कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 30 दिनों के भीतर सरकारी एजेंसियों को ऑडिट कोर्ट में रिपोर्ट भी देनी होगी।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक Google, Amazon और Deloitte जैसी 700 से ज्यादा बड़ी कंपनियां अपना रीजनल हेडक्वार्टर सऊदी अरब में बना चुकी हैं। यह आंकड़ा सरकार के 500 कंपनियों के लक्ष्य से कहीं ज्यादा है। इस नए कदम से उन भारतीय और अन्य विदेशी कंपनियों को भी मौका मिलेगा जो अभी तक अपना ऑफिस पूरी तरह शिफ्ट नहीं कर पाई हैं लेकिन उनके पास अच्छी तकनीक और सही कीमत देने की क्षमता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.