सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. जेपी मॉर्गन और ब्लूमबर्ग ने सऊदी अरब के रियाल आधारित सरकारी सुकूक को अपने बड़े बॉन्ड इंडेक्स में शामिल करने का फैसला किया है. इस फैसले से वैश्विक स्तर पर सऊदी अरब की साख बढ़ेगी और देश में भारी निवेश आने की उम्मीद है.

कब से शामिल होंगे सऊदी सुकूक?

जेपी मॉर्गन अपने गवर्नमेंट बॉन्ड इंडेक्स-इमर्जिंग मार्केट्स (GBI-EM) में 29 जनवरी 2027 से सऊदी सुकूक को जोड़ना शुरू करेगा. वहीं, ब्लूमबर्ग अप्रैल 2027 की रीबैलेंसिंग के दौरान इसे अपने लोकल करेंसी गवर्नमेंट इंडेक्स में शामिल करेगा. ब्लूमबर्ग का अपडेटेड इंडेक्स 2026 की तीसरी तिमाही तक बाजार में आ सकता है.

इस कदम से सऊदी अरब को क्या फायदा होगा?

सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जादान ने कहा कि यह फैसला सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती और वित्तीय सुधारों पर दुनिया के बढ़ते भरोसे की वजह से हुआ है. इस कदम से सऊदी सरकारी निवेश साधनों की वैश्विक पहुंच बढ़ेगी और कर्ज बाजार में मुकाबला बढ़ेगा. इससे सऊदी अरब के लिए अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित होगा और भविष्य में उधार लेने का खर्च भी कम हो सकता है.

यह पूरा बदलाव सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के तहत किया गया है. इसका मकसद पूंजी बाजारों को और गहरा करना और विदेशी निवेशकों की संख्या को बढ़ाना है. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बैंकों के लिए प्राथमिक डीलरों के कार्यक्रम का विस्तार और बेहतर निपटान प्रणाली जैसे सुधारों ने इस रास्ते को आसान बनाया है.

इंडेक्स शामिल होने की मुख्य शर्तें और डेटा

विवरण जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) ब्लूमबर्ग (Bloomberg)
शामिल होने की तारीख 29 जनवरी 2027 अप्रैल 2027
कुल अनुमानित मूल्य लगभग 69 बिलियन अमेरिकी डॉलर न्यूनतम 1 बिलियन रियाल बकाया
इंडेक्स में हिस्सा (Weight) 2.52%
परिपक्वता (Maturity) 15 साल तक न्यूनतम 1 साल
सुकूक के प्रकार 8 अलग-अलग इश्यू निश्चित-दर (Fixed-rate) सरकारी सुकूक
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.