मक्का की मस्जिद अल हरम (Grand Mosque) में आने वाले जायरीनों और उमराह करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सऊदी अरब प्रशासन ने मस्जिद के अंदर लोगों को रास्ता ढूंढने में मदद करने के लिए एक नया जियोग्राफिक कोडिंग सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के तहत मस्जिद के खंभों पर विशेष कोड और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे भीड़ को काबू करने और लोगों को अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी। इस नए सिस्टम से अब कोई भी तीर्थयात्री मस्जिद के अंदर रास्ता नहीं भटकेगा।

खंभों पर क्यों लगाए जा रहे हैं खास कोडिंग साइन?

द जनरल अथॉरिटी फॉर द अफेयर्स ऑफ द ग्रैंड मॉस्क एंड द प्रोफेट्स मॉस्क ने मस्जिद अल हरम के ग्राउंड फ्लोर पर खंभों के लिए जियोग्राफिक कोडिंग प्रोजेक्ट लागू किया है। इस परियोजना के तहत मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर पर कोडिंग बोर्ड लगाए गए हैं और इसके साथ ही सफा और मरवा (Masaa) क्षेत्र में 84 नए दिशा-सूचक बोर्ड भी जोड़े गए हैं। यह नया साइन बोर्ड डिजाइन देखने और पढ़ने में बेहद आसान है। इन बोर्ड्स को मस्जिद के मुख्य द्वारों, रास्तों और प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के साथ जोड़ा गया है ताकि लोगों को किसी भी जगह पहुंचने में कोई दिक्कत न हो।

स्मार्ट मैप और कलर कोड से मिलेगी बड़ी मदद

इससे पहले प्राधिकरण ने मस्जिद के खंभों पर 350 से ज्यादा कोडिंग बोर्ड लगाए थे। इन बोर्ड्स पर अलग-अलग रंगों के कोड, नंबर और पास के बड़े दरवाजों के नाम लिखे गए हैं। यह सिस्टम मस्जिद को अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों जैसे पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण में विभाजित करता है। अथॉरिटी के सीईओ Eng. Ghazi Al-Shahrani और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष Dr. Mohammed Al-Saqr ने बताया कि इस कोडिंग सिस्टम को स्मार्ट इंटरैक्टिव मैप और 3D मैप के साथ भी जोड़ा गया है। इससे जायरीन अपने मोबाइल पर ही मस्जिद के रास्ते, होटल और अन्य सुविधाओं की सही लोकेशन देख सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मस्जिद अल हरम में नया कोडिंग सिस्टम क्या है?

मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर पर खंभों पर खास रंग, नंबर और गेट के नाम वाले कोडिंग साइन लगाए गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को मस्जिद के अंदर रास्ता ढूंढने में आसानी होगी।

सफा और मरवा क्षेत्र में कितने नए बोर्ड लगाए गए हैं?

सफा और मरवा (Masaa) क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के मार्ग को आसान बनाने के लिए 84 नए दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं।