सऊदी अरब के Ministry of Interior ने मक्का की मस्जिद अल-हराम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब ज़ायरीन और नमाज़ियों को मस्जिद परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर कुछ खास सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी. यह नियम भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लागू किया गया है.

मस्जिदों में किन चीज़ों को ले जाना मना है?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों के अंदर, उनके आंगन, रास्तों, गलियारों, प्रवेश द्वारों और ट्रेन स्टेशनों पर निम्नलिखित सामान ले जाना प्रतिबंधित है:

  • नुकीले औजार: किसी भी तरह के sharp tools ले जाना मना है.
  • बड़ा सामान: बड़े सूटकेस या भारी सामान लेकर मस्जिद के अंदर नहीं जा सकेंगे.
  • उपहार की वस्तुएं: व्यक्तिगत उपहार के रूप में ले जाए जाने वाले सामान पर रोक लगाई गई है.
  • खान-पान: ज़्यादातर खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं है, हालांकि कॉफी, खजूर और पानी के लिए छूट दी गई है.

अन्य जरूरी नियम और सावधानियां

सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ अन्य नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:

  • ज्वलनशील पदार्थ: किसी भी तरह के flammable liquids ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
  • बेबी स्ट्रोलर: भीड़भाड़ वाले इलाकों, जैसे कि मस्जिद अल-हराम के मटाफ क्षेत्र के ग्राउंड फ्लोर पर बेबी स्ट्रोलर ले जाने की अनुमति नहीं होगी.
  • नमाज़ की जगह: Ministry of Islamic Affairs ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति अपना सामान रखकर नमाज़ की जगह रिजर्व नहीं कर सकता. जगह उसी की होगी जो पहले पहुंचेगा.
  • सामान रखने की व्यवस्था: छोटे सामान और प्रतिबंधित वस्तुओं के लिए प्रशासन ने मस्जिदों के बाहर सुरक्षित स्टोरेज और सेफ्टी बॉक्स की सुविधा दी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या मैं अपना सामान मस्जिद के बाहर रख सकता हूँ?

हाँ, प्रशासन ने छोटे सामान और प्रतिबंधित वस्तुओं को रखने के लिए मस्जिदों के बाहर सुरक्षित स्टोरेज और सेफ्टी बॉक्स की सुविधा प्रदान की है.

क्या मस्जिद के अंदर खाने-पीने की चीज़ें ले जा सकते हैं?

ज़्यादातर खाने-पीने की चीज़ों और अनधिकृत पानी के बैग पर रोक है, लेकिन पानी, खजूर और कॉफी ले जाने की अनुमति है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.