मिडल ईस्ट में मार्च के महीने में तनाव काफी बढ़ गया था, लेकिन सऊदी अरब ने अपनी आर्थिक रफ्तार और स्थिरता को मजबूती से बनाए रखा। ईरान के साथ बढ़ते विवाद और ग्लोबल एनर्जी संकट के खतरों के बीच किंगडम ने सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़े फैसले लिए। सऊदी सरकार ने न केवल अपनी सुरक्षा बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की लॉजिस्टिक व्यवस्था को चालू रखने में बड़ी भूमिका निभाई है।

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सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट को लेकर सऊदी सरकार के बड़े फैसले

सऊदी अरब ने खाड़ी देशों में सामान की आवाजाही न रुके, इसके लिए अपनी लॉजिस्टिक व्यवस्था को तुरंत सक्रिय किया। General Authority of Civil Aviation (GACA) ने पड़ोसी देशों की एयरलाइंस के लिए 120 से ज्यादा उड़ानों की सुविधा दी ताकि हवाई यातायात बना रहे। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट सेक्टर में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं जिससे प्रवासियों और व्यापारियों को सीधा फायदा होगा।

  • Mawani: ग्लोबल ऑपरेटरों के साथ मिलकर पांच नई समुद्री शिपिंग सर्विस शुरू की गई हैं।
  • Truck Life: ट्रकों की ऑपरेशनल उम्र बढ़ाकर 22 साल कर दी गई है ताकि ट्रांसपोर्टेशन आसान रहे।
  • Storage Fee: दम्माम के किंग अब्दुलअज़ीज़ पोर्ट पर GCC से आने-जाने वाले माल के लिए स्टोरेज फीस में 60 दिनों की छूट दी गई है।
  • Special Support: समुद्र में जहाजों को ईंधन, पानी और खाना पहुंचाने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है।

मार्च के महीने में हुए कुछ मुख्य फैसले और घटनाक्रम

सऊदी अरब ने मार्च 2026 में कूटनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत रखी। किंगडम ने साफ किया कि वह ईरान के हमलों के बीच अपनी समुद्री सीमाओं और ग्लोबल सप्लाई चेन की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। पर्यावरण के मामले में भी सऊदी ने 10 लाख हेक्टेयर खराब जमीन को फिर से उपजाऊ बनाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

तारीख मुख्य फैसला या घटना
18 मार्च 2026 रियाद में 12 देशों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ी बैठक हुई।
22 मार्च 2026 खाड़ी में जहाजों की मदद के लिए नई सप्लाई स्कीम की घोषणा हुई।
26 मार्च 2026 GCC देशों के बीच लॉजिस्टिक इंटीग्रेशन बढ़ाने की पहल शुरू हुई।
29 मार्च 2026 सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव के तहत 15.9 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य पूरा हुआ।
30 मार्च 2026 जेद्दा में सऊदी क्राउन प्रिंस, जॉर्डन के राजा और कतर के अमीर के बीच बैठक हुई।

सऊदी अरब की इस स्थिरता का असर वहां रह रहे प्रवासियों और व्यापार करने वालों पर भी सकारात्मक पड़ा है। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में सऊदी अब 22वें स्थान पर आ गया है और गैर-तेल क्षेत्र में मजबूती की वजह से 2026 में जीडीपी विकास दर 4.6% रहने का अनुमान लगाया गया है।