सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक अल-राबिया ने अरअर बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा किया. उन्होंने वहां जाकर यह देखा कि हज 1447H के लिए आने वाले जायरीन की अगवानी के लिए सारी तैयारियां पूरी हैं या नहीं. यह दौरा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि अलग-अलग देशों से आने वाले हज यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
अरअर बॉर्डर पर क्या तैयारी है और इराकी यात्रियों का क्या हाल है?
हज मंत्री डॉ. तौफीक अल-राबिया ने उत्तरी सीमा क्षेत्र के गवर्नर प्रिंस फैसल बिन खालिद बिन सुल्तान बिन अब्दुलअजीज का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने बताया कि सरकारी एजेंसियां मिलकर यात्रियों के लिए एंट्री प्रोसेस को आसान बना रही हैं. इस संबंध में कुछ खास बातें सामने आई हैं:
- इराकी हज यात्रियों के काफिले 26 अप्रैल 2026 को अरअर बॉर्डर के जरिए पवित्र स्थलों की ओर बढ़ना शुरू हुए.
- जकात, टैक्स और कस्टम अथॉरिटी ने 26 अप्रैल को ही इराकी यात्रियों के पहले ग्रुप का स्वागत किया.
- पासपोर्ट विभाग ने डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया है जिससे यात्रियों की वेटिंग टाइम काफी कम हो गई है.
- इराकी बॉर्डर क्रॉसिंग अथॉरिटी के प्रमुख उमर अल-वाएली ने कहा कि इस बार का इंतजाम अब तक के सबसे बेहतरीन दौरों में से एक है.
बिना हज परमिट के मक्का जाने पर कितना जुर्माना लगेगा?
सऊदी सरकार ने इस साल “बिना परमिट कोई हज नहीं” के नियम को बहुत सख्ती से लागू किया है. जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा. सरकार ने निम्नलिखित नियम तय किए हैं:
- बिना आधिकारिक परमिट के हज करने वाले व्यक्ति पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगेगा.
- जो लोग अवैध रूप से हज करने वालों की मदद करेंगे, उन पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
- 18 अप्रैल 2026 से केवल हज वीजा धारकों को ही मक्का में प्रवेश की अनुमति है.
- नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए सऊदी नागरिकों, GCC नागरिकों और निवासियों के लिए उमराह परमिट 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक बंद कर दिए गए हैं.
- उमराह वीजा वाले लोगों के लिए किंगडम छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 तय की गई थी.