सऊदी अरब ने हज यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए अब आधुनिक तकनीक और AI का सहारा लिया है। हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक अल-रबिया ने बताया कि सऊदी अरब भीड़ प्रबंधन (crowd management) में अब दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि जायरीन को बेहतरीन सुविधाएं मिलें और किसी को भी परेशानी न हो।
बिना परमिट हज करने पर क्या नियम और जुर्माना लागू होगा?
सऊदी सरकार ने इस बार बिना परमिट के हज करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- भारी जुर्माना: बिना वैध परमिट के हज करने या कोशिश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
- देपोर्टेशन: जो निवासी बिना परमिट के हज करते पकड़े जाएंगे, उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।
- एंट्री बैन: ऐसे लोगों पर 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने पर पाबंदी लगा दी जाएगी।
- नुसुक (Nusuk) कार्ड: मक्का, मस्जिद अल-हरम और अन्य पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए नुसुक स्मार्ट कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
भीड़ को संभालने के लिए कौन सी नई तकनीक इस्तेमाल हुई है?
हज 1447 AH के लिए सऊदी अरब ने तकनीक का बड़ा जाल बिछाया है ताकि लाखों लोगों की आवाजाही को सही तरीके से मैनेज किया जा सके। इसके लिए 50 सरकारी और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
- AI और स्मार्ट सेंसर: मीना में पहली बार स्मार्ट सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं जो नुसुक कार्ड से जुड़े हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भीड़ की डेंसिटी और लोगों की मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: जबल अल-रहमह के पास छांव वाले इलाकों को 5 गुना बढ़ाकर 272,000 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इसके अलावा 6,000 से ज्यादा एयर कंडीशनिंग यूनिट्स लगाई गई हैं।
- हरियाली का अभियान: पवित्र स्थलों को ठंडा रखने के लिए ‘ग्रीन होली साइट्स’ पहल के तहत 60,000 से ज्यादा पेड़ लगाए गए हैं।
- तैयारियां: डॉ. अल-रबिया ने बताया कि 14 मई 2026 तक 8,60,000 से ज्यादा जायरीन सऊदी अरब पहुंच चुके थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना देना होगा?
बिना वैध परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। साथ ही निवासियों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल का बैन लग सकता है।
नुसुक (Nusuk) कार्ड क्यों जरूरी है?
नुसुक कार्ड एक अनिवार्य पहचान पत्र है। इसके बिना मक्का, मस्जिद अल-हरम और पवित्र स्थलों में प्रवेश नहीं मिलेगा और यह सेवाओं तक पहुंच के लिए जरूरी है।
