सऊदी अरब में हज 1447 AH की तैयारी शुरू हो गई है। 18 अप्रैल 2026 को तड़के 1 बजे काबा के पवित्र कपड़े ‘किसवा’ के निचले हिस्से को ऊपर उठा दिया गया। यह कदम हज के दौरान आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उठाया गया है। साथ ही सरकार ने मक्का में एंट्री के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं जिससे प्रवासियों और यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।

किसवा को ऊपर उठाने की वजह क्या है?

काबा के किसवा के निचले हिस्से को लगभग तीन मीटर ऊपर उठाया गया है और इस हिस्से को सफेद सूती कपड़े से ढका गया है। यह एक सालाना परंपरा है ताकि तवाफ के समय भीड़ की वजह से पवित्र कपड़े को कोई नुकसान न पहुंचे और न ही कोई इसे खींचने या काटने की कोशिश करे। यह प्रक्रिया हज सीजन खत्म होने तक जारी रहेगी और बाद में कपड़े को फिर से नीचे कर दिया जाएगा। इस काम की जिम्मेदारी किंग अब्दुलअजीज कॉम्प्लेक्स फॉर होली काबा किसवा की है।

मक्का में एंट्री और वीज़ा को लेकर क्या निर्देश हैं?

सऊदी गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि 18 अप्रैल 2026 से केवल हज वीज़ा धारकों को ही मक्का में रहने या अंदर आने की अनुमति होगी। उमराह वीज़ा लेकर आए लोगों को 18 अप्रैल तक सऊदी अरब छोड़ना था। इसके अलावा, नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक बंद कर दिए गए हैं। 13 अप्रैल से ही मक्का में प्रवेश के लिए आधिकारिक परमिट जरूरी कर दिया गया था, हालांकि मक्का के निवासियों और वहां काम करने वालों को इससे छूट दी गई है। नियमों का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

हज 1447 AH की महत्वपूर्ण तारीखें और नियम

विवरण तारीख / जानकारी
किसवा उठाने की तारीख 18 अप्रैल 2026
धुल हिज्जा की शुरुआत लगभग 26 मई 2026
अराफात का दिन लगभग 4 जून 2026
ईद अल-अधा लगभग 5 जून 2026
नुसुक उमराह परमिट बंद 18 अप्रैल से 31 मई 2026
उमराह वीज़ा छोड़ने की समय सीमा 18 अप्रैल 2026
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.