سعودی عرب ने हज 1447 यानी साल 2026 के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यौम अल-तरवियाह के मौके पर मीना शहर को हाजियों की सेवा के लिए दुनिया के सबसे बड़े सीजनल स्मार्ट शहर में बदल दिया गया है। हज यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सऊदी मंत्रालय और विभिन्न विभागों ने मिलकर इस बार आधुनिक तकनीक और सुविधाओं का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। 24 मई 2026 की शाम से ही हाजियों का मीना पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
मीना में इस बार हाजियों को क्या-क्या आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी?
मीना में लगभग 2.5 मिलियन वर्ग मीटर में फैला हुआ टेंट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जिसमें 2.6 मिलियन से अधिक हाजियों को ठहराने की क्षमता है। किदाना डेवलपमेंट कंपनी ने पैदल चलने वाले रास्तों के लिए 103,000 वर्ग मीटर में धूप से बचने के लिए शेड लगाए हैं और 66,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में आराम करने के लिए रेस्ट जोन बनाए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बुजुर्गों और मरीजों की सुविधा के लिए 74 स्वचालित सीढ़ियां लगाई गई हैं, जिनमें से 10 सीढ़ियां इसी साल लगाई गई हैं। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जमारात में एक विशेष क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम काम कर रहा है।
अल-मशायर ट्रेन और बसों को लेकर क्या है तैयारी?
सऊदी रेलवे कंपनी द्वारा संचालित अल-मशायर ट्रेन इस बार 20 लाख से अधिक हाजियों को सफर कराने के लिए तैयार है। यह ट्रेन मीना, मुजदलिफा और अराफात को आपस में जोड़ती है। इस ट्रेन के चलने से सड़कों पर लगभग 50,000 बस यात्राएं कम होंगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और यातायात सुगम बनेगा। इसके साथ ही, जनरल सिंडिकेट ऑफ कार्स ने हाजियों के परिवहन के लिए लगभग 24,334 बसों का इंतजाम किया है ताकि लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।
मंत्रालय की तैयारी और यौम अल-तरवियाह के नियम
हज और उमराह मंत्रालय ने यौम अल-तरवियाह के लिए अपनी पूरी तैयारी की है। सुरक्षा और मानकों की जांच के लिए अधिकारियों ने धुल कादा महीने की शुरुआत से अब तक 83,000 से अधिक निरीक्षण दौरे किए हैं। हाजियों की सुविधा के लिए नुसुक (Nusuk) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट मैप और रियल-टाइम अपडेट की सुविधा दी गई है। दार अल-इफ्ता अल-मिसरियाह के अनुसार, यौम अल-तरवियाह पर मीना में रात बिताना एक सुन्नत है, यह अनिवार्य स्तंभ नहीं है। इसलिए यदि भीड़ अधिक हो, तो हाजी सीधे अराफात भी जा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यौम अल-तरवियाह के दिन हाजी कौन से मुख्य काम करते हैं?
यौम अल-तरवियाह के दिन हाजी एहराम बांधते हैं, मीना की तरफ बढ़ते हैं, वहां रात बिताते हैं और पांच वक्त की नमाजें कसर (संक्षिप्त) करके अदा करते हैं।
क्या यौम अल-तरवियाह पर मीना में रात बिताना अनिवार्य है?
दार अल-इफ्ता अल-मिसरियाह के अनुसार, मीना में रात बिताना एक सुन्नत है, अनिवार्य स्तंभ नहीं है। अधिक भीड़ होने पर हाजी सीधे अराफात जा सकते हैं।
अल-मशायर ट्रेन से हाजियों को क्या फायदा होगा?
यह ट्रेन मीना, मुजदलिफा और अराफात के बीच 20 लाख से अधिक हाजियों को सफर कराएगी, जिससे सड़कों पर बसों की संख्या कम होगी और प्रदूषण से राहत मिलेगी।