सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) ने हाल ही में इड्रिस कोने की कहानी साझा की, जो हज के लिए उनकी गहरी तड़प को बताती है। इड्रिस कोने आइवरी कोस्ट के एक इमाम थे और मुस्लिम समुदाय के प्रमुख थे। इसी के साथ सऊदी सरकार ने हज 1447 AH के लिए सख्त नियम जारी किए हैं, जिनका पालन करना सभी प्रवासियों और जायरीन के लिए बहुत जरूरी है।
मक्का में एंट्री के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें?
सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने बताया है कि सोमवार, 13 अप्रैल 2026 (25 शव्वाल, 1447 AH) से मक्का में प्रवेश के लिए आधिकारिक परमिट लेना अनिवार्य होगा। जिन लोगों के पास यह परमिट नहीं होगा, उन्हें मक्का में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हालांकि, मक्का के निवासी, हज परमिट धारक और पवित्र स्थलों के लिए वर्क परमिट रखने वालों को इस नियम से छूट दी गई है। ये सभी परमिट Absher Individuals प्लेटफॉर्म और Muqeem पोर्टल के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी किए जाएंगे।
उमराह वीजा और नुसुक परमिट के लिए जरूरी तारीखें
- उमराह वीजा डेडलाइन: उमराह वीजा पर आने वाले लोगों को शनिवार, 18 अप्रैल 2026 (1 धुल-किदा, 1447 AH) तक सऊदी अरब छोड़ना होगा।
- नुसुक प्लेटफॉर्म: सऊदी नागरिकों, GCC देशों के नागरिकों और प्रवासियों के लिए नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए उमराह परमिट जारी करने का काम 18 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक बंद रहेगा।
- एंट्री प्रतिबंध: 18 अप्रैल 2026 से केवल हज वीजा धारकों को ही मक्का में रहने या वहां जाने की अनुमति होगी।
सरकार ने साफ किया है कि इन नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें पेनल्टी देनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का में एंट्री के लिए परमिट कब से जरूरी है?
मक्का में प्रवेश के लिए आधिकारिक परमिट सोमवार, 13 अप्रैल 2026 से अनिवार्य होगा। बिना परमिट के एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।
उमराह वीजा धारकों के लिए सऊदी छोड़ने की आखिरी तारीख क्या है?
उमराह वीजा पर आए लोगों को शनिवार, 18 अप्रैल 2026 तक सऊदी अरब से प्रस्थान करना होगा।
