सऊदी अरब ने हज 1447 AH के लिए अपनी तैयारियां बहुत आधुनिक तरीके से पूरी कर ली हैं। इस बार पवित्र स्थलों (Al-Mashaaer) में हज यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रोबोट और स्मार्ट ब्रेसलेट जैसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सऊदी सरकार इस साल के हज को दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल ऑपरेशन्स में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। गृह मंत्रालय और अन्य विभागों ने मिलकर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि यात्रियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्मार्ट ब्रेसलेट और फायरफाइटिंग रोबोट कैसे करेंगे काम?

सऊदी कंपनी फॉर एनर्जी ने मैदान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खास स्मार्ट ब्रेसलेट चालू किए हैं। ये ब्रेसलेट लगातार कर्मचारियों की सेहत पर नजर रखेंगे और उनकी लोकेशन की जानकारी देंगे। किसी आपातकालीन स्थिति में कर्मचारी इसके जरिए सीधे सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सेंटर को संकट का अलर्ट (SOS) भेज सकेंगे। इसके अलावा, आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए फायरफाइटिंग रोबोट तैनात किए गए हैं। ये रोबोट थर्मल और सर्विलांस कैमरों से लैस हैं, जिससे सुरक्षा टीम को बिना किसी खतरे के तुरंत आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

दवाइयों की डिलीवरी के लिए ड्रोन और बिना परमिट हज पर सख्त पाबंदी

सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर सिविल एविएशन ने पवित्र स्थलों में ड्रोन के जरिए दवाइयां और मेडिकल सामान पहुंचाने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सिविल डिफेंस की टीमें खतरनाक पदार्थों का पता लगाने के लिए भी खास ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं। सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि बिना परमिट के किसी को भी हज करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सुरक्षा समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-बस्सामी ने चेतावनी दी है कि फर्जी हज पैकेज बेचने वालों और अवैध रूप से यात्रियों को ले जाने वालों पर भारी जुर्माना, जेल और प्रवासियों को डिपोर्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य डिजिटल इंतजाम

पर्यटन मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट हाउसिंग सर्विस शुरू की है। इससे यात्रियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनकी एंट्री आसान होगी। वहीं, ग्रैंड मस्जिद में लोगों की भीड़ को सही तरीके से संभालने के लिए डिजिटल मैप और कलर-कोडिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, मक्का रूट इनिशिएटिव के जरिए यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए सऊदी डेटा एंड एआई अथॉरिटी (SDAIA) तकनीकी मदद दे रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज के दौरान स्मार्ट ब्रेसलेट का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?

यह ब्रेसलेट कर्मचारियों के स्वास्थ्य और उनकी लोकेशन पर नजर रखता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में इसके जरिए तुरंत सुरक्षा कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा जा सकता है।

बिना परमिट हज करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

सऊदी सरकार के नियमों के अनुसार बिना परमिट हज करने वालों, फर्जी एजेंटों और अवैध परिवहन करने वालों पर भारी जुर्माना, जेल और प्रवासियों को देश से बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com