सऊदी अरब सरकार ने हज 1447 AH के लिए बहुत कड़े नियम लागू किए हैं। अगर कोई बिना परमिट के हाजियों को मक्का या पवित्र स्थलों पर ले जाएगा, तो उस पर भारी जुर्माना लगेगा। यह नियम खासतौर पर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अवैध रूप से परिवहन का काम करते हैं और नियमों की अनदेखी करते हैं।
कितना जुर्माना लगेगा और नियम कब से लागू होंगे?
General Transport Authority और Ministry of Interior ने साफ किया है कि अवैध रूप से हाजियों को ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- जुर्माना: बिना परमिट वाले हाजियों या विजिट वीज़ा धारकों को मक्का ले जाने पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
- समय सीमा: यह नियम 1 धुल किदा से लेकर 14 धुल हिज्जह 1447 AH तक लागू रहेंगे।
- जुर्माने की गणना: पकड़े गए यात्रियों की संख्या के आधार पर जुर्माने की राशि को बढ़ाया जा सकता है।
बिना परमिट हज करने वालों और गाड़ियों के लिए क्या सजा है?
नियम सिर्फ ड्राइवरों के लिए ही नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी हैं जो बिना अनुमति के हज करने की कोशिश करेंगे।
- यात्रियों पर जुर्माना: बिना आधिकारिक परमिट के मक्का या पवित्र स्थलों में पाए जाने वाले लोगों पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगेगा।
- डेपोर्टेशन: घुसपैठ करने वालों या वीज़ा खत्म होने के बाद रुकने वालों को वापस उनके देश भेज दिया जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब आने पर रोक रहेगी।
- गाड़ियों की जब्ती: अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को कोर्ट के आदेश के बाद ज़ब्त किया जा सकता है।
परिवहन कंपनियों के लिए क्या निर्देश हैं?
सरकार ने सभी लाइसेंस प्राप्त ट्रांसपोर्टर्स को चेतावनी दी है कि वे नियमों का पालन करें ताकि हज यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहे।
- सभी ड्राइवरों और गाड़ियों के पास वैध ऑपरेटिंग कार्ड और लाइसेंस होना जरूरी है।
- ड्राइवरों को तय किए गए रास्तों का पालन करना होगा और चेकपॉइंट पर सुरक्षा अधिकारियों का सहयोग करना होगा।
- सरकार ने साफ कहा है कि बिना परमिट के कोई हज नहीं होगा।