सऊदी अरब में हज 1447H की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी (NCM) ने इस बार हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक का सहारा लिया है। अब तीर्थयात्रियों को अलग-अलग भाषाओं में मौसम की जानकारी मिलेगी ताकि वे अपनी यात्रा के दौरान आने वाली मुश्किलों से बच सकें और सुरक्षित रहें।

AI और नई तकनीक से कैसे मिलेगी मौसम की जानकारी?

नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी (NCM) के CEO डॉ. अयमान बिन सलेम गुलाम ने मक्का और पवित्र स्थलों का दौरा किया और पूरी तैयारी की पुष्टि की। यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने एक डिजिटल कम्युनिकेशन सेंटर शुरू किया है, जो 15 अलग-अलग मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मौसम की जानकारी देगा।

  • मल्टी-लैंग्वेज सर्विस: मौसम की चेतावनी और संदेश कई भाषाओं में दिए जाएंगे ताकि दुनिया भर से आने वाले लोग इसे समझ सकें।
  • आधुनिक तकनीक: मौसम की सटीक जानकारी के लिए वेदर रडार, सैटेलाइट इमेज और सऊदी न्यूमेरिकल मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • AI का उपयोग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक फोटोग्राफी के जरिए मौसम के बुलेटिन तैयार किए जाएंगे।

हज 1447H के दौरान कैसा रहेगा तापमान और मौसम?

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार हज के दौरान गर्मी काफी ज्यादा रहेगी। मक्का और उसके आसपास के इलाकों में मौसम बेहद गर्म रहने की उम्मीद है।

  • तापमान का अनुमान: तरवियाह के दिन तक तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसके बाद अरफा के दिन से लेकर तशरीक के दिनों तक यह 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
  • धूल और हवाएं: दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे धूल और रेत उड़ सकती है।
  • ताइफ़ का असर: ताइफ़ के पहाड़ी इलाकों में बादल बन सकते हैं, जिसका असर पवित्र स्थलों पर पड़ सकता है और तेज हवाएं चल सकती हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 1447H के दौरान तापमान कितना रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार, तरवियाह के दिन तक तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस और अरफा के दिन से 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

हज यात्रियों को मौसम की जानकारी कैसे मिलेगी?

नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी (NCM) 15 डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कई भाषाओं में AI आधारित मौसम बुलेटिन और चेतावनी जारी करेगा।