सऊदी अरब ने हज 1447H के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब केवल आधिकारिक हज वीज़ा वाले लोग ही हज की रस्में पूरी कर पाएंगे। बिना परमिट के हज करने की अनुमति किसी को नहीं होगी। जो लोग हज पर जाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए इन नियमों को समझना बहुत जरूरी है।

हज वीज़ा और मक्का में एंट्री के क्या नियम हैं?

सऊदी सरकार के मुताबिक, हज के लिए सिर्फ हज वीज़ा ही एकमात्र मान्य दस्तावेज़ होगा। टूरिस्ट वीज़ा पर आने वाले लोग हज की रस्में नहीं निभा सकेंगे। 1 नवंबर 1447H यानी 18 अप्रैल 2026 से लेकर 15 दिसंबर 1447H यानी 1 जून 2026 तक टूरिस्ट वीज़ा धारकों का मक्का में रहना या वहां प्रवेश करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

वीज़ा आवेदन के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

सभी विदेशी नागरिकों को सऊदी हज और उमराह मंत्रालय द्वारा अधिकृत ट्रैवल एजेंटों के जरिए ही आवेदन करना होगा। GCC देशों के नागरिक, जिन्हें बिना वीज़ा एंट्री मिलती है, उन्हें भी हज करने के लिए परमिट लेना अनिवार्य होगा। आवेदन के लिए जरूरी जानकारियों की लिस्ट नीचे टेबल में दी गई है।

जरूरी जानकारी/दस्तावेज नियम और शर्तें
पासपोर्ट कम से कम 6 महीने की वैधता और 2 खाली पेज होने चाहिए
फोटो पासपोर्ट साइज की नई कलर फोटो जमा करनी होगी
आवेदन फॉर्म अधिकृत ट्रैवल एजेंसी से साइन और स्टैंप होना जरूरी है
वीज़ा समय शव्वाल के मध्य से 25 ज़ुल-क़ादा तक जारी किए जाएंगे
वीज़ा का दायरा सिर्फ जेद्दा, मक्का और मदीना के लिए मान्य, काम के लिए नहीं
GCC नागरिक बिना वीज़ा एंट्री के बावजूद हज परमिट लेना जरूरी है
वापसी की तारीख हज के बाद 10 मुहर्रम तक सऊदी अरब छोड़ना होगा

महिलाओं के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?

45 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए महरम (पुरुष रिश्तेदार) का साथ होना जरूरी है और रिश्ते का सबूत देना होगा। 45 साल से ऊपर की महिलाएं अगर किसी ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप का हिस्सा हैं, तो वे बिना महरम के सफर कर सकती हैं, लेकिन इसके लिए उनके पति या पिता का अनापत्ति पत्र (NOC) लाना होगा। साथ ही, हज 1447H के लिए हज परमिट या कन्फर्मेशन लेटर साथ रखना अनिवार्य होगा।