सऊदी अरब इस बार हज यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े तकनीकी बदलाव कर रहा है। मक्का के पवित्र स्थलों पर अब एडवांस्ड मॉनिटरिंग नेटवर्क लगाया गया है। सरकार का मकसद है कि बड़ी संख्या में आने वाले जायरीन को बिना किसी परेशानी के अपनी इबादत पूरी करने का मौका मिले और भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक के लिए क्या इंतजाम हुए हैं?
Roads General Authority (RGA) ने सड़कों की निगरानी के लिए एक स्मार्ट कंट्रोल सेंटर बनाया है। इसमें 50 AI कैमरे लगाए गए हैं जो ट्रैफिक और मौसम पर नजर रखेंगे और किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत देंगे। हाईवे की सुरक्षा के लिए हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और लेजर सेंसर का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि सड़कों की दरारों का पता लगाकर उन्हें ठीक किया जा सके। यह व्यवस्था खासतौर पर मशायर रूटों पर लागू होगी ताकि 30 मिलियन आने वाले मेहमानों को सुविधा मिल सके।
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कौन सी तकनीक इस्तेमाल होगी?
भीड़ को संभालने के लिए सऊदी सरकार Baseer और Sawaher जैसे AI सिस्टम का उपयोग करेगी। हरम शरीफ में स्मार्ट कैमरे और सेंसर लगाए गए हैं जो लोगों की आवाजाही पर नजर रखेंगे और भीड़ बढ़ने पर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। जायरीन की मदद के लिए Ministry of Hajj and Umrah ने Nusuk Card और Nusuk AI असिस्टेंट पेश किया है। यह AI असिस्टेंट 100 से ज्यादा भाषाओं में जायरीन के सवालों के जवाब देगा।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं का क्या अपडेट है?
National Cybersecurity Authority (NCA) ने डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए एक खास प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत 24 घंटे काम करने वाला एक ऑपरेशन सेंटर बनाया गया है जो साइबर हमलों को रोकेगा। साथ ही Smart Makkah Operations Center (SMART MOC) के जरिए 18 सरकारी एजेंसियों को एक साथ जोड़ा गया है। पूरे मक्का और मदीना में 5G टावर और वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार किया गया है ताकि कनेक्टिविटी में कोई दिक्कत न आए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Nusuk AI असिस्टेंट क्या है और यह कैसे मदद करेगा?
Nusuk AI एक स्मार्ट असिस्टेंट है जो 100 से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध है। यह हज यात्रियों को उनके सवालों के तुरंत जवाब देगा और यात्रा के दौरान जरूरी गाइडेंस प्रदान करेगा।
सड़कों की सुरक्षा के लिए RGA ने क्या कदम उठाए हैं?
RGA ने 50 AI कैमरों वाला स्मार्ट कंट्रोल सेंटर बनाया है। साथ ही लेजर सेंसर और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सड़कों की टूट-फूट का पता लगाकर उसे तुरंत ठीक किया जा सके।