सऊदी अरब में इस साल हज 2026 की शुरुआत हो चुकी है और इसमें हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर से 15 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए सऊदी सरकार के हज और उमराह मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और जरूरी निर्देश जारी किया है। सरकार ने सभी हाजियों को सलाह दी है कि वे 26 मई 2026 को अराफात के दिन दोपहर 4 बजे तक अपने टेंट के अंदर ही रहें ताकि तेज धूप और लू की चपेट में आने से बचा जा सके।

👉: Kuwait Embassy Update: कुवैत में बनने जा रहा है ताजिकिस्तान का नया दूतावास, दोनों देशों के बीच हुए कई बड़े समझौते

अराफात के मैदान में दोपहर को बाहर निकलने पर क्यों लगी है रोक?

सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि हज के दौरान मक्का, मीना और अराफात में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से लेकर 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अराफात के मैदान में सीधी धूप पड़ती है और वहां कोई प्राकृतिक छाया नहीं है। इसी वजह से 26 मई 2026 को गर्मी और हीटस्ट्रोक का सबसे ज्यादा खतरा माना जा रहा है। अधिकारियों ने हाजियों को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक अपने टेंट में ही रहने को कहा है और इस दौरान जबल अल-रहमा या मस्जिद नमिरह जाने से बचने की सलाह दी है।

हाजियों की सुरक्षा के लिए सऊदी सरकार के कड़े नियम और इंतजाम

सऊदी सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई जरूरी नियम बनाए हैं और जमीन पर कड़े इंतजाम किए हैं। इस साल गर्मी से राहत देने के लिए अराफात में 2 लाख 72 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में छायादार व्यवस्था की गई है। इसके अलावा निम्नलिखित नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।

  • सभी तीर्थयात्रियों को हर समय अपना Nusuk पहचान पत्र साथ रखना होगा।
  • गर्मी से बचने के लिए हमेशा छतरी का इस्तेमाल करें और प्यास न लगने पर भी लगातार पानी पीते रहें।
  • हल्के रंग के और हवादार कपड़े पहनें जिससे शरीर को गर्मी से बचाया जा सके।
  • किसी भी पहाड़ी या ऊंचाई वाली जगह पर चढ़ने की मनाही है क्योंकि इससे शरीर पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
  • पैदल चलने के बजाय सरकार द्वारा तय की गई बसों और वाहनों का ही इस्तेमाल करें।

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि उनकी पूरी टीम अलर्ट पर है। पवित्र स्थलों के पास 34 से अधिक फील्ड अस्पताल और इकाइयां बनाई गई हैं। इसके साथ ही 50,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी और 3,000 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके। सड़कों पर पानी छिड़कने वाले मिस्ट स्प्रेयर और ठंडी फ्लोरिंग प्रणालियों का भी उपयोग किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के दौरान अराफात के मैदान में तापमान कितना रहने का अनुमान है?

सऊदी मौसम विभाग के अनुसार हज के दौरान अराफात, मीना और मक्का में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से लेकर 48 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

क्या दोपहर के समय टेंट से बाहर निकलकर पहाड़ों पर चढ़ने की अनुमति है?

नहीं, सऊदी सरकार ने दोपहर 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच टेंट से बाहर निकलने, जबल अल-रहमा पर्वत पर चढ़ने या पैदल यात्रा करने पर रोक लगाई है ताकि हीट स्ट्रोक से बचा जा सके।

गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या सलाह दी है?

मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को हमेशा छतरी का उपयोग करने, बिना प्यास महसूस हुए भी लगातार पानी पीते रहने और हल्के रंग के आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह दी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.