Hajj 2026 Update: सऊदी अरब ने हज यात्रियों के लिए लागू किया नया इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, कैंपों में एंट्री और एग्जिट के नियम बदले
सऊदी अरब ने हज 2026 को और सुरक्षित और आसान बनाने के लिए बड़ी तैयारी की है। इस बार पहली बार यात्रियों की आवाजाही को कंट्रोल करने के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे हज यात्रियों को कैंपों में आने और जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
हज 2026 में क्या नए बदलाव हुए हैं
हज और उमराह मंत्री Tawfiq Al-Rabiah ने बताया कि इस बार कैंपों में यात्रियों की एंट्री और एग्जिट को व्यवस्थित करने के लिए डिजिटल सिस्टम लगाया गया है। कैंपों के गेट पर लगे डिजिटल बोर्ड अब यात्रियों को आने-जाने के समय की सही जानकारी देंगे। साथ ही, Sheikh Dr. Abdulrahman Al Sudais ने बताया कि इस साल AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बड़ा रोल होगा, जिससे भीड़ कम होगी और हज की रस्में आसानी से पूरी होंगी। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सुविधाओं का इस्तेमाल कर हज यात्रा को सुरक्षित बनाया जाए।
जरूरी तारीखें और परमिट के नियम
हज 2026 मुख्य रूप से 24 मई से 29 मई के बीच होगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का आना 18 अप्रैल से शुरू हो चुका है और यह 21 मई तक चलेगा। मक्का में एंट्री के लिए 13 अप्रैल से नए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं, जिसके बिना अंदर जाना मना है। इसके अलावा, Nusuk प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट 18 अप्रैल से 31 मई तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। मक्का एंट्री के लिए Absher और Muqeem पोर्टल के जरिए इलेक्ट्रॉनिक परमिट आवेदन शुरू किए गए हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए कौन सी तकनीक इस्तेमाल होगी
करीब 18 लाख यात्रियों की सुविधा के लिए सऊदी सरकार कई आधुनिक टूल्स ला रही है। इसमें स्मार्ट रिस्टबैंड (e-bracelets) और Hajj Suvidha App शामिल हैं ताकि यात्रियों की लोकेशन ट्रैक की जा सके और उन्हें मदद मिले। मस्जिद अल-हरम में 1000 नए कैमरे लगाए गए हैं और Baseer जैसे AI प्लेटफॉर्म का उपयोग भीड़ रोकने के लिए किया जाएगा। विजन 2030 के तहत एयर टैक्सी (eVTOL) जैसी सुविधाओं की तैयारी भी की जा रही है। डिजिटल सपोर्ट सिस्टम अब 60 अलग-अलग भाषाओं में मदद करेगा।