सऊदी अरब ने हज 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब पवित्र स्थलों पर गैस सिलेंडर और कुकिंग स्टोव ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह नियम सोमवार, 18 मई से लागू हो गया है ताकि आग लगने के खतरों को कम किया जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
गैस सिलेंडर पर रोक के नियम क्या हैं?
Civil Defense ने साफ किया है कि किसी भी साइज या टाइप के लिक्विफाइड गैस सिलेंडर को पिलग्रिम हॉस्पिटैलिटी सेंटर्स और सरकारी सुविधाओं में ले जाना मना है। यह नियम सोमवार, 18 मई से प्रभावी है, जो धुल हिज्जा का पहला दिन है। Mina, Muzdalifah और Arafat जैसे पवित्र इलाकों में निगरानी टीमें लगातार जांच करेंगी। अगर कोई गैस सिलेंडर या कुकिंग स्टोव का इस्तेमाल करते हुए पाया गया, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा और सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मदीना के नियम और उल्लंघन पर क्या असर होगा?
सिर्फ हज स्थलों पर ही नहीं, बल्कि Ministry of Tourism ने मदीना के हॉस्पिटैलिटी सेंटर्स में भी 13 या 14 अप्रैल 2026 से पोर्टेबल गैस स्टोव और सिलेंडर पर बैन लगा दिया था। यह नियम टूरिस्ट हॉस्पिटैलिटी फैसिलिटी रेगुलेशन के आर्टिकल 22 के तहत लागू किया गया है। नियमों का पालन न करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स और कैंप आयोजकों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार गलती करने पर सेंटर को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है या उनका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। सुप्रीम काउंसिल ऑफ केन्या मुस्लिम्स (SUPKEM) ने भी अपने यात्रियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पवित्र स्थलों पर गैस सिलेंडर का प्रतिबंध कब से शुरू हुआ है
यह प्रतिबंध सोमवार, 18 मई 2026 से लागू हुआ है, जो कि हज 2026 सीजन के लिए धुल हिज्जा का पहला दिन है।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी
नियम तोड़ने पर गैस सिलेंडर जब्त कर लिए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अलावा भारी जुर्माना, फैसिलिटी का शटडाउन या लाइसेंस रद्द होने जैसी सजा मिल सकती है।
