सऊदी अरब में इस साल हज 1447H के लिए आए किंग सलमान के खास मेहमानों (Guests of the Custodian of the Two Holy Mosques Program) की अपने देशों में वापसी का काम पूरा हो गया है। सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने घोषणा की है कि 104 देशों से आए सभी 2,500 मेहमान 4 जून 2026 तक अपने वतन लौट चुके हैं। इन मेहमानों ने मक्का में हज करने के साथ मदीना में पैगंबर की मस्जिद के दर्शन भी किए।

ℹ️: Kuwait New Payment Rule: कुवैत में ऑनलाइन पेमेंट का नियम बदला, अब बैंक चुनने का झंझट खत्म, 5 जून से लागू होगा नया सिस्टम.

शाही मेहमानों के लिए क्या थे विशेष इंतजाम?

इस कार्यक्रम के तहत कुल 2,500 मेहमानों को सऊदी अरब बुलाया गया था। इसमें 102 देशों के 1,300 मशहूर इस्लामी विद्वान और प्रचारक, लाइबेरिया के 200 जायरीन और सूडान के शहीदों व घायलों के परिवारों के 1,000 सदस्य शामिल थे।

इस्लामिक मामलों के मंत्री और कार्यक्रम के जनरल सुपरवाइजर शेख डॉ. अब्दुललतीफ बिन अब्दुलअजीज अल अल-शेख ने बताया कि किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने इन सभी 2,500 मेहमानों की कुर्बानी (हंदी) का पूरा खर्च खुद उठाया। मेहमानों ने मदीना में पैगंबर की मस्जिद, कुबा मस्जिद और किंग फहद कुरान प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स जैसी ऐतिहासिक जगहों का दौरा भी किया और सऊदी सरकार के बेहतरीन इंतजामों की तारीफ की।

हज 1447H का क्या था पूरा टाइमलाइन शेड्यूल?

हज यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए सऊदी अधिकारियों ने एक पूरा टाइमलाइन तय किया था। आइए जानते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया किस तरह से पूरी की गई:

  • 22 मई 2026: किंग सलमान के सभी शाही मेहमानों का सऊदी अरब आगमन पूरा हुआ।
  • 25 मई 2026: हज 1447H के मुख्य अनुष्ठानों की शुरुआत हुई।
  • 31 मई 2026: हज पूरा करने के बाद मेहमानों का जत्था मक्का से मदीना के लिए रवाना हुआ।
  • 2 जून 2026: मेहमानों को वापस उनके देशों में भेजने वाली पहली फ्लाइट्स ने उड़ान भरी।
  • 4 जून 2026: सभी 104 देशों के मेहमानों की सुरक्षित और सफल वापसी पूरी हुई।

सऊदी सरकार ने सुरक्षा के लिए बनाए थे कड़े नियम

सऊदी अरब सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार नियमों को बेहद सख्त रखा था। इसके तहत बिना आधिकारिक हज वीजा और ‘नुसुक’ (Nusuk) कार्ड के किसी भी व्यक्ति को हज करने की इजाजत नहीं थी। पर्यटन या अन्य किसी वीजा पर हज करना पूरी तरह से प्रतिबंधित था। मक्का में प्रवेश के लिए प्रवासियों को 13 अप्रैल 2026 से ही परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया था और 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक उमराह परमिट जारी करना बंद कर दिया गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

किंग सलमान के मेहमान कार्यक्रम में कुल कितने लोग शामिल थे?

इस कार्यक्रम के तहत 104 देशों से कुल 2,500 लोग शामिल हुए थे, जिसमें इस्लामी विद्वान, लाइबेरिया के नागरिक और सूडानी परिवारों के लोग शामिल थे।

मेहमानों की रवानगी किस एयरपोर्ट से हुई?

मेहमानों के आने के लिए जेद्दा का किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और वापसी के लिए मदीना का प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्य केंद्र रहा।