सऊदी अरब ने 2026 के हज यात्रियों के लिए सेहत से जुड़े बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। सरकार अब उन देशों से आने वाले जायरीन की कड़ी निगरानी करेगी जहां इबोला और हंटावायरस का खतरा है। यह कदम सभी यात्रियों की सुरक्षा और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है ताकि हज के दौरान किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या न हो।

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किन यात्रियों की होगी जांच और क्या हैं नियम?

सऊदी अरब का पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी (Weqaya) उन देशों के यात्रियों पर कड़ी नज़र रखेगा जो इबोला और हंटावायरस प्रभावित इलाकों के पड़ोसी देश हैं। 18 मई 2026 को Weqaya ने जानकारी दी कि सऊदी में हंटावायरस आने का खतरा बहुत कम है क्योंकि बॉर्डर पर सुरक्षा और निगरानी सिस्टम बहुत मजबूत है। फिर भी, एहतियात के तौर पर जोखिम वाले इलाकों से आने वाले यात्रियों की रोज़ाना सटीक जांच की जाएगी।

हज 2026 के लिए कौन से टीके अनिवार्य हैं?

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय और पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी ने कुछ टीकों को अनिवार्य कर दिया है, जिनके बिना यात्रा मुश्किल होगी:

  • मेनिनजाइटिस: पिछले 5 साल में क्वाड्रिवैलेंट या पिछले 3 साल में पॉलीसैकेराइड वैक्सीन लगवाना ज़रूरी है।
  • येलो फीवर और पोलियो: कुछ खास देशों से आने वाले यात्रियों के लिए ये टीके अनिवार्य रखे गए हैं।
  • COVID-19: सऊदी द्वारा मान्यता प्राप्त वैक्सीन का सर्टिफिकेट होना चाहिए। आख़िरी डोज़ 2021 से 2025 के बीच लगा होना चाहिए और यात्रा से कम से कम दो हफ्ते पहले लगा होना चाहिए।
  • इन्फ्लूएंजा: फ्लू का टीका लगवाने की पुरज़ोर सलाह दी गई है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें सेहत संबंधी समस्याएँ हैं।

किन लोगों को हज परमिट नहीं मिलेगा?

कुछ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को हज परमिट मिलने में दिक्कत हो सकती है। नियमों के मुताबिक, जिन्हें किडनी फेलियर, दिल की गंभीर बीमारी, लिवर सिरोसिस या कोई गंभीर मानसिक और न्यूरोलॉजिकल समस्या है, उन्हें परमिट नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा, जिन यात्रियों को कोई संक्रामक बीमारी जैसे हेमोरेजिक फीवर है, उन्हें भी सऊदी अरब आने की अनुमति नहीं मिलेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के लिए कौन से वैक्सीनेशन ज़रूरी हैं?

मेनिनजाइटिस (5 साल के भीतर), येलो फीवर, पोलियो और COVID-19 का पूर्ण टीकाकरण अनिवार्य है। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई है।

क्या गंभीर बीमारी वाले लोग हज पर जा सकते हैं?

नहीं, किडनी फेलियर, गंभीर हार्ट फेलियर, लिवर सिरोसिस और गंभीर मानसिक विकार वाले लोगों को हज परमिट मिलने में कठिनाई हो सकती है।