सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय और पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी ने हज 2026 के लिए नए और सख्त स्वास्थ्य नियम जारी किए हैं। अब केवल वही लोग हज पर जा सकेंगे जो शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होंगे। सरकार का मकसद यह है कि यात्री बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के अपनी इबादत पूरी कर सकें, इसलिए अब मेडिकल जांच पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।

किन बीमारियों की वजह से नहीं मिलेगा हज परमिट?

सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि कुछ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को हज परमिट नहीं दिया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थितियां शामिल हैं:

  • किडनी फेल्योर: ऐसे लोग जो डायलिसिस पर निर्भर हैं।
  • दिल की गंभीर बीमारी: गंभीर हार्ट फेल्योर वाले मरीज।
  • लिवर की समस्या: लिवर सिरोसिस से ग्रस्त लोग।
  • मानसिक स्वास्थ्य: गंभीर मानसिक बीमारी या डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति।
  • गर्भावस्था: गर्भावस्था के आखिरी तीन महीने या हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाएं।
  • उम्र और कमजोरी: बहुत अधिक उम्र और शारीरिक रूप से बहुत कमजोर लोग।

अधिकारियों के मुताबिक हज के दौरान यात्रियों को रोजाना करीब 25 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है, इसलिए शारीरिक क्षमता होना बहुत जरूरी है।

कौन से टीके (Vaccines) लगवाना अनिवार्य है?

यात्रा से पहले कुछ वैक्सीन लगवाना अब जरूरी कर दिया गया है, जिनके बिना अनुमति नहीं मिलेगी:

  • मेनिंगोकोकल मेनिन्जाइटिस: यह टीका यात्रा शुरू होने से कम से कम 10 दिन पहले लगवाना जरूरी है।
  • कोविड-19 वैक्सीन: इसकी अपडेटेड डोज लगवाने की सलाह दी गई है, खासकर बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों वाले लोगों के लिए।
  • सीजनल इन्फ्लुएंजा: फ्लू का नया टीका लगवाने की सलाह दी गई है, अगर पिछला टीका 1 सितंबर 2025 से पहले लगा था।
  • पोलियो और येलो फीवर: कुछ खास देशों से आने वाले यात्रियों के लिए यह अनिवार्य होगा।

मेडिकल सर्टिफिकेट और अन्य सख्त नियम

हर यात्री को एक अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। इस सर्टिफिकेट को ‘नुसुक’ (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना जरूरी है। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने बताया है कि वीजा मंजूरी अब स्वास्थ्य स्थिति से सीधे तौर पर जुड़ी होगी।

अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए सऊदी पहुंचता है और वहां मेडिकल जांच में अनफिट पाया जाता है, तो उसे अपने खर्चे पर वापस भेज दिया जाएगा। साथ ही, गलत फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मेनिंगोकोकल मेनिन्जाइटिस का टीका कब लगवाना चाहिए?

यह टीका हज की यात्रा शुरू होने से कम से कम 10 दिन पहले लगवाना अनिवार्य है।

क्या गर्भवती महिलाएं हज पर जा सकती हैं?

गर्भावस्था के आखिरी तीन महीने में या किसी भी स्टेज पर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी होने पर हज परमिट नहीं मिलेगा।

मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट कहाँ जमा करना होगा?

अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त फिटनेस सर्टिफिकेट को नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.