सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय (Ministry of Hajj and Umrah) ने हज यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। इस साल हज के दौरान भारी गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है, जिसके कारण तीर्थयात्रियों को धूप में सीधे न निकलने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय और हज मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सीधे धूप में चलने से हीट स्ट्रोक या लू लगने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। अधिकारियों ने दोपहर के समय यात्रियों को अपने कैंपों के अंदर ही रहने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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हज यात्रियों के लिए मंत्रालय ने कौन से नियम जारी किए हैं?

सऊदी अरब सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी यात्रियों के लिए आवश्यक है:

  • कैंप के अंदर रहें: सभी तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से अराफात में दोपहर 4 बजे तक अपने टेंट के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है ताकि वे सीधे धूप की चपेट में न आएं।
  • छतरी का उपयोग करें: धूप से सीधे बचाव के लिए हल्के रंग और कम वजन वाली छतरियों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।
  • पानी पीते रहें: प्यास न लगने पर भी शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए नियमित रूप से पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
  • धूप वाले समय से बचें: सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में बाहर निकलने से पूरी तरह परहेज करें।
  • ढीले कपड़े पहनें: शरीर को ठंडा रखने और त्वचा की जलन से बचने के लिए हल्के और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
  • ऊंचाई पर न चढ़ें: शारीरिक थकान और गर्मी से बचने के लिए जबल अल-रहमा जैसी ऊंची जगहों पर चढ़ने की कोशिश न करें।

गर्मी का क्या अनुमान है और स्वास्थ्य विभाग की क्या तैयारी है?

सऊदी नेशनल सेंटर फॉर मीटियोरोलॉजी (Saudi National Center for Meteorology) के अनुसार पवित्र स्थलों, विशेष रूप से अराफात और मक्का में मौसम बहुत गर्म रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए सऊदी प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं:

  • अराफात उपदेश का सीधा प्रसारण: अराफात के उपदेश को सीधे कैंपों में ऑडियो और वीडियो चैनलों के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों को बाहर न जाना पड़े।
  • अस्पतालों की तैयारी: पवित्र स्थलों के आसपास 34 से अधिक फील्ड स्वास्थ्य इकाइयों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष बेड तैयार रखे गए हैं।
  • जागरूकता किट: यात्रियों की मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 8 अलग-अलग भाषाओं में जागरूकता गाइड जारी की है।
  • लक्षणों पर ध्यान दें: अगर किसी यात्री को सिरदर्द, चक्कर आना, बहुत अधिक पसीना आना या उल्टी जैसी समस्या महसूस होती है, तो उन्हें तुरंत ठंडी जगह पर जाना चाहिए और पानी पीना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में हज के दौरान अधिकतम तापमान कितना रहने का अनुमान है?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार हज के दौरान मक्का और अराफात जैसे पवित्र स्थलों पर अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है।

क्या तीर्थयात्रियों को अराफात उपदेश सुनने के लिए बाहर जाना होगा?

नहीं, हज मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अराफात का उपदेश सीधे सभी कैंपों में विजुअल और ऑडियो चैनलों के जरिए प्रसारित किया जाएगा ताकि तीर्थयात्री इसे अंदर ही सुन सकें।

गर्मी से बचने के लिए मंत्रालय ने कौन से मुख्य उपाय बताए हैं?

मंत्रालय ने सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धूप में न निकलने, लगातार पानी पीने, हल्के रंग की छतरी का उपयोग करने और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी है।