Saudi Arabia Hajj 2026: मक्का जाने के लिए अब जरूरी होगा परमिट, बिना अनुमति घुसे तो लगेगा 20 हजार का जुर्माना
सऊदी अरब ने हज 2026 से पहले मक्का में प्रवेश के नियमों को बहुत सख्त कर दिया है. यह नियम 13 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं और अब बिना परमिट के मक्का में जाना मना है. खासतौर पर उन प्रवासियों के लिए यह खबर बहुत जरूरी है जो मक्का से बाहर रहते हैं, क्योंकि अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है और नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगेगा.
मक्का एंट्री के लिए जरूरी तारीखें और नियम क्या हैं?
सऊदी सरकार ने भीड़ को कंट्रोल करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कुछ सख्त तारीखें तय की हैं. इन तारीखों का पालन करना सभी प्रवासियों और यात्रियों के लिए अनिवार्य है. नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी दी गई है:
| महत्वपूर्ण तारीख | नियम और निर्देश |
|---|---|
| 13 अप्रैल 2026 | मक्का एंट्री रिस्ट्रिक्शन सिस्टम चालू हुआ |
| 18 अप्रैल 2026 | उमराह वीज़ा धारकों को सऊदी अरब छोड़ना होगा |
| 18 अप्रैल से 31 मई 2026 | Nusuk प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट बंद रहेंगे |
| 18 अप्रैल 2026 से | सिर्फ हज वीज़ा वालों को मक्का में एंट्री मिलेगी |
| 25-29 मई 2026 | हज 2026 (1447 AH) का समय |
| जून 2026 की शुरुआत | एंट्री पाबंदियों के खत्म होने की उम्मीद |
परमिट कैसे मिलेगा और कौन से लोग छूट पाएंगे?
मक्का के निवासियों और रजिस्टर्ड हज यात्रियों को छोड़कर बाकी सभी लोगों को प्रवेश के लिए Tasreeh (परमिट) लेना होगा. इसमें मक्का से बाहर रहने वाले प्रवासी और GCC देशों के नागरिक भी शामिल हैं. परमिट के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
- प्रवासी का इकामा (Iqama) वैध होना चाहिए, एक्सपायर या रिन्यूअल वाले इकामा स्वीकार नहीं होंगे.
- आवेदन के समय व्यक्ति का सऊदी अरब में मौजूद होना जरूरी है.
- परमिट के लिए Absher और Muqeem पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
- जिनका इकामा मक्का का है या जिनके पास वर्क परमिट है, उन्हें इस नियम से छूट मिलेगी.
नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना और पेनल्टी लगेगी?
सऊदी सरकार ने बिना परमिट के मक्का में प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. सिक्योरिटी चेकपोस्ट पर सख्ती बरती जा रही है ताकि कोई भी अवैध तरीके से अंदर न जा सके.
अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के मक्का में घुसता है, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगेगा और उसे 10 साल के लिए बैन किया जा सकता है. वहीं, अगर कोई व्यक्ति अवैध हज यात्रियों की मदद करता है, तो उस पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा. यह पूरा सिस्टम अब डिजिटल है, इसलिए पासपोर्ट ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी.