सऊदी अरब इस साल हज यात्रा को और आसान और सुरक्षित बनाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा मैनेजमेंट मॉडल पेश कर रहा है। पब्लिक सिक्योरिटी के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-बसामी ने बताया कि अब भीड़ को संभालने के लिए पुराने तरीकों की जगह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। इस बदलाव का मकसद हज यात्रियों की मुश्किलों को कम करना और उनके सफर को बेहतर बनाना है।

AI और नई तकनीक से कैसे बदलेगा हज का मैनेजमेंट?

सऊदी सरकार अब हज की भीड़ को मैनेज करने के लिए Artificial Intelligence (AI) और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का उपयोग कर रही है। इसका मतलब यह है कि अब किसी खतरे के होने का इंतज़ार नहीं किया जाएगा, बल्कि सिस्टम पहले ही बता देगा कि कहाँ समस्या हो सकती है ताकि उसे समय रहते रोका जा सके। इस पूरे काम में 60 से ज़्यादा सरकारी और सुरक्षा एजेंसियां एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मदद से अब सुरक्षा से जुड़े फैसले पहले से ज़्यादा तेज़ और सटीक तरीके से लिए जा रहे हैं।

हज 2026 के लिए परमिट का क्या नियम है?

हज और उमराह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि साल 2026 में सिर्फ वही लोग हज कर पाएंगे जिनके पास आधिकारिक परमिट होगा। बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि यात्रियों की संख्या को कंट्रोल किया जा सके और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। अधिकारियों का कहना है कि मक्का में हज शुरू होने से पहले ही भीड़ का बहाव काफी सही देखा गया है, जिससे इस साल की प्लानिंग को लेकर काफी उम्मीदें हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या बिना परमिट के हज किया जा सकता है?

नहीं, हज और उमराह मंत्रालय के मुताबिक सिर्फ आधिकारिक परमिट वाले लोग ही हज कर पाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कौन सी नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है?

सऊदी अरब अब AI और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे खतरों का पहले ही अंदाजा लगाकर उन्हें रोकने में मदद मिलेगी।