Hajj 2026 Update: सऊदी अरब ने बदला हज यात्रियों के आने-जाने का तरीका, अब डिजिटल सिस्टम से होगी कैंपों की निगरानी

सऊदी अरब ने हज 2026 को और आसान और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस बार पहली बार तीर्थयात्रियों के आने-जाने और कैंपों के प्रबंधन के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लागू किए गए हैं। इस बदलाव का मुख्य मकसद भीड़ को कंट्रोल करना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है। सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

नया डिजिटल सिस्टम कैसे काम करेगा और क्या हैं इसके नियम?

  • कैंपों के प्रवेश और निकास द्वारों पर डिजिटल पैनल लगाए गए हैं, जो आने-जाने के समय और जरूरी गाइडलाइन की जानकारी देंगे।
  • Nusuk platform के जरिए वीजा, होटल बुकिंग और परिवहन का सारा काम डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
  • तीर्थयात्रियों के लिए डिजिटल और फिजिकल Nusuk Card रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • منى (Mina), अराफात और मुज़दलिफ़ा जैसे पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए इस कार्ड को हर समय साथ रखना होगा।
  • इस सिस्टम का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जीवाड़े को रोकना है।

हज 2026 की जरूरी तारीखें और सरकारी निर्देश क्या हैं?

हज 2026 (1447 AH) के 24 मई से 29 मई के बीच होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने की तारीख 18 अप्रैल से 21 मई 2026 तक तय की गई है। मंत्रालय ने फरवरी 2026 से ही वीजा जारी करना शुरू कर दिया था ताकि आखिरी समय में अफरा-तफरी न हो।

हज मंत्री डॉ. तौफीक बिन फौजान अल-राबिया ने बताया कि यह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम विजन 2030 और Pilgrim Experience Programme का हिस्सा है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी निर्देश दिए हैं कि सभी उपलब्ध क्षमताओं का इस्तेमाल कर हज यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।