Hajj 2026 के लिए सऊदी सरकार ने बड़े बदलाव किए हैं। इस बार पहली बार यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। यह सिस्टम खास तौर पर मीना के कैंपों में एंट्री और एग्जिट को आसान बनाने के लिए लगाया गया है ताकि हाजियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

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हज 2026 के लिए क्या हैं नए नियम और डिजिटल सिस्टम?

हज 2026 के लिए डिजिटल परमिट यानी Nusuk App अनिवार्य कर दिया गया है। बिना QR कोड के हज इलाकों में प्रवेश नहीं मिलेगा। यात्रियों को अपना फोन चार्ज रखना होगा और इंटरनेट कनेक्शन चालू रखना होगा। साथ ही, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अब जरूरी कर दिया गया है। मीना कैंपों के प्रवेश और निकास द्वारों पर समय और निर्देशों के बोर्ड लगाए गए हैं ताकि यात्री सही समय पर आवाजाही कर सकें।

महत्वपूर्ण तारीखें और यात्रा संबंधी जरूरी जानकारी

हज 2026 की मुख्य रस्में 26 मई से 31 मई के बीच होंगी। यात्रियों के सऊदी अरब पहुँचने का समय 18 अप्रैल से शुरू होकर 21 मई 2026 तक तय किया गया है। ध्यान रहे कि हज के दौरान उमराह वीजा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अब केवल वही लोग मक्का और अन्य पवित्र स्थलों पर जा सकेंगे जिनके पास आधिकारिक हज परमिट होगा। मक्का में प्रवेश के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

डिजिटल बदलाव से हाजियों को कैसे होगा फायदा?

धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख डॉ. अब्दुलरहमन अल सुदैस ने बताया कि नया डिजिटल सिस्टम 60 भाषाओं में काम करेगा। इससे अलग-अलग देशों के हाजियों को अपनी भाषा में जानकारी मिलेगी और भीड़ कम होगी। सऊदी हज और उमराह मंत्री तौफीक अल-राबिया ने कैंपों का निरीक्षण कर तैयारियों की पुष्टि की है। भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा है कि तकनीक के इस्तेमाल से भारतीय हाजियों की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक होगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.