सऊदी अरब ने हज 2026 के लिए पहली बार एक नया इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शुरू किया है. इस सिस्टम का मकसद तीर्थयात्रियों की भीड़ को सही तरीके से संभालना और कैंपों में उनके आने-जाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है ताकि किसी को परेशानी न हो.

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हज 2026 के लिए क्या हैं जरूरी नियम और शर्तें

इस साल हज के लिए आधिकारिक परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है और नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. मक्का में प्रवेश के लिए निवासियों को 13 अप्रैल 2026 से परमिट लेना जरूरी था. साथ ही, 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक Nusuk प्लेटफॉर्म के जरिए उमराह परमिट जारी करना बंद कर दिया गया है. जिन लोगों के पास हज वीज़ा नहीं है, उन्हें मक्का में रहने या वहां जाने की अनुमति नहीं होगी. मीना, अराफात और मुज़दलिफ़ा जैसी पवित्र जगहों पर जाने के लिए डिजिटल या फिजिकल Nusuk Card रखना सबके लिए जरूरी है.

यात्रियों की सुविधा के लिए कौन सी नई तकनीक आई है

हज और उमराह मंत्री तौफीक अल-रबिया ने बताया कि यह नया सिस्टम विज़न 2030 का हिस्सा है. अब कैंपों के बाहर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें आने और जाने का समय लिखा होगा. तीर्थयात्रियों की मदद के लिए Hajj Suvidha App और स्मार्ट रिस्टबैंड (wristbands) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से 60 अलग-अलग भाषाओं में जानकारी दी जा रही है, ताकि दुनिया भर से आने वाले लोग अपनी भाषा में गाइडेंस पा सकें.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.