सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लागू किए हैं। अब मीना के कैंपों में जायरीनों के आने-जाने और उनकी आवाजाही पर डिजिटल तरीके से नज़र रखी जाएगी। इस कदम का मकसद भीड़ को कम करना और हज यात्रा को ज़्यादा सुरक्षित और सुकून भरा बनाना है।
हज 2026 में कौन सी नई डिजिटल सुविधाएँ मिलेंगी?
इस बार हज यात्रा के लिए Nusuk डिजिटल स्मार्ट कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इस कार्ड के पहचान और कैंपों में एंट्री संभव नहीं होगी। इसके अलावा, 60 से ज़्यादा भाषाओं में डिजिटल सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे जायरीनों को धार्मिक रस्मों को पूरा करने में आसानी होगी और भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।
मक्का में एंट्री और वीज़ा के लिए क्या नियम हैं?
मक्का में एंट्री के लिए अब आधिकारिक परमिट ज़रूरी है, जिसे Absher और Muqeem पोर्टल के ज़रिए लिया जा सकता है। सभी जायरीनों के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट यानी Yellow Card होना अनिवार्य है। प्रशासन ने साफ़ किया है कि जिन लोगों के पास वैध वीज़ा नहीं होगा, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें डिपोर्ट भी किया जा सकता है।
हज 2026 की ज़रूरी तारीखें क्या हैं?
हज 2026 की मुख्य यात्रा 24 मई से 29 मई 2026 के बीच होने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय जायरीनों के आने का समय 18 अप्रैल से 21 मई 2026 तक तय किया गया है। वीज़ा की प्रक्रिया 8 फरवरी 2026 से ही शुरू हो चुकी है ताकि सभी इंतज़ाम समय पर पूरे हो सकें।