सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 को और भी आसान और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। इस बार पहली बार यात्रियों के आने-जाने और कैंपों में एंट्री और एग्जिट के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसका मुख्य मकसद भीड़ को सही तरीके से कंट्रोल करना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है ताकि हर कोई बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सके।
हज 2026 में क्या नया इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लागू हुआ है?
सरकार ने कैंपों के प्रवेश और निकास द्वारों पर डिजिटल सूचना पैनल लगाए हैं। इन पैनल पर यात्रियों को उनके प्रस्थान और वापसी का समय और अन्य जरूरी गाइडेंस दिखाई जाएगी। हज मंत्री डॉ. तौफीक अल-राबिया ने बताया कि ये कदम भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए हैं। साथ ही मस्जिद अल-हरम में तवाफ और सई के लिए लाइव क्राउड ट्रैकर भी शुरू किया गया है, जिससे भीड़ की स्थिति का पता लगाया जा सकेगा।
Nusuk प्लेटफॉर्म और स्मार्ट कार्ड का क्या नियम है?
सभी पंजीकृत हज यात्रियों के लिए Nusuk डिजिटल स्मार्ट कार्ड रखना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इस स्मार्ट कार्ड में यात्री की व्यक्तिगत पहचान, मेडिकल डेटा और रहने की जगह की जानकारी होगी। वहीं, वीजा आवेदन, होटल और ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाओं के लिए Nusuk प्लेटफॉर्म को मुख्य डिजिटल सिस्टम बनाया गया है। धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख डॉ. अब्दुलरहमन अल सुदैस ने बताया कि इस बार 60 भाषाओं में डिजिटल सहायता उपलब्ध कराई गई है।
सऊदी में रहने वाले प्रवासियों और निवासियों के लिए क्या अपडेट है?
मक्का में प्रवेश के लिए अब सख्त नियम लागू किए गए हैं और निवासियों के लिए आधिकारिक परमिट लेना जरूरी है। इसके लिए Absher और Muqeem जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल आवेदन करना होगा। वहीं, 13 अप्रैल से 31 मई 2026 तक उमराह परमिट जारी करने पर रोक लगा दी गई है। सऊदी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी कामगारों को इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।