सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने हज 2026 के लिए नए और बेहद जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने सभी तीर्थयात्रियों से भीड़भाड़ कम करने और पवित्र स्थलों के बीच आवाजाही को आसान बनाने के लिए तफवीज यानी भीड़ नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। इस साल 15 लाख से अधिक विदेशी तीर्थयात्री हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। बिना वैध हज परमिट और नुसुक कार्ड के मक्का और अन्य पवित्र स्थलों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हज यात्रियों के लिए नुसुक कार्ड और परमिट क्यों है जरूरी?

सऊदी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए केवल आधिकारिक हज वीज़ा या परमिट ही मान्य होगा। टूरिस्ट, उमराह, विज़िट या बिजनेस वीज़ा पर आए लोग हज यात्रा नहीं कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निम्नलिखित सख्त कार्रवाई की जाएगी:

  • व्यक्तिगत जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • डिपोर्टेशन और प्रतिबंध: उल्लंघन करने वालों को देश से निकाला जा सकता है और उनके लिए 10 साल का री-एंट्री बैन लागू होगा।
  • मददगारों पर कार्रवाई: बिना परमिट वाले लोगों को लाने या मदद करने वाले आयोजकों पर 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • नुसुक कार्ड की अनिवार्यता: सभी तीर्थयात्रियों के लिए नुसुक कार्ड (Nusuk Card) पास में रखना अनिवार्य है। यह एक स्मार्ट आईडी है जिसमें यात्री का विवरण, मेडिकल रिकॉर्ड और ट्रैकिंग की जानकारी दर्ज होती है।

भीड़ नियंत्रण (Tafweej) और आवाजाही के कड़े नियम

भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के लिए मंत्रालय ने कई नए नियम लागू किए हैं। तीर्थयात्रियों को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच अपने कैंपों से निकलकर जमारात जाने की सख्त मनाही है। पवित्र स्थलों के बीच सफर को तेज बनाने के लिए माशायर ट्रेन (Mashaer Train) का संचालन किया जा रहा है, जो प्रति घंटे 5,000 से अधिक यात्रियों को लाने-ले जाने की क्षमता रखती है। इसके अलावा, मदीना की सार्वजनिक बस सेवाएं 9वीं ज़ुल हिज्जा (26 मई) दोपहर से अस्थाई रूप से निलंबित रहेंगी और ईद-उल-अजहा के दूसरे दिन फिर से बहाल होंगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे का विकास

तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए सऊदी सरकार ने बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इस बार पवित्र स्थलों पर करीब 25 विकास परियोजनाएं पूरी की गई हैं। मीना और अराफात के पहाड़ी इलाकों में धूप से बचने के लिए छायादार रास्तों का विस्तार किया गया है और हवा को ठंडा रखने वाली प्रणालियां लगाई गई हैं। जमारात क्षेत्र में गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए 400 से अधिक उच्च दक्षता वाले मिस्ट पंखे लगाए गए हैं। साथ ही, एयरपोर्ट की प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए “बिना बैग के हज” (Hajj Without a Bag) पहल शुरू की गई है, जिससे कागजी कार्रवाई में लगने वाला समय 2 घंटे से घटकर केवल 15 मिनट रह गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में बिना वैध हज परमिट के पकड़े जाने पर क्या सजा है?

बिना वैध हज परमिट के मक्का या पवित्र स्थलों में प्रवेश करने पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके साथ ही आरोपी को देश से डिपोर्ट करके 10 साल के लिए प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

नुसुक कार्ड (Nusuk Card) क्या है और यह क्यों जरूरी है?

नुसुक कार्ड एक अनिवार्य स्मार्ट पहचान पत्र है। यह कार्ड हर हज यात्री के पास होना जरूरी है क्योंकि इसमें उनकी पहचान, मेडिकल रिकॉर्ड और पवित्र स्थलों पर आवाजाही की अनुमति से जुड़ा डिजिटल डेटा होता है।

जमारात जाने के लिए कौन सा समय प्रतिबंधित किया गया है?

भीड़ और गर्मी से यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच अपने कैंप से जमारात जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.