सऊदी अरब ने साल 2026 के हज्ज के लिए अपनी तैयारियों को बेहद मजबूत कर लिया है। इस बार हज्ज यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और स्मार्ट डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। 25 मई से 30 मई 2026 के बीच होने वाले हज्ज के लिए सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना वैलिड परमिट के किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। प्रवासियों और यात्रियों की मदद के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है ताकि भीड़ को आसानी से कंट्रोल किया जा सके।

बिना नुसुक कार्ड (Nusuk Card) नहीं मिलेगी एंट्री, ड्रोन से होगी निगरानी

सऊदी अरब सरकार ने सख्त नियम लागू किया है कि बिना परमिट के कोई भी व्यक्ति हज्ज नहीं कर सकेगा। सुरक्षा बलों द्वारा “नो हज्ज विदाउट परमिट” नियम को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। इसके लिए ‘Nusuk App’ और फिजिकल ‘Nusuk Card’ को अनिवार्य कर दिया गया है। पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए इस डिजिटल आईडी का होना बहुत जरूरी है। बिना परमिट वाले लोगों की पहचान करने के लिए आसमान में ड्रोन और विमानों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही Absher और Muqeem सरकारी प्लेटफॉर्म के जरिए हज्ज कर्मियों और प्रवासियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक परमिट जारी किए जा रहे हैं।

भीड़ कंट्रोल करने के लिए AI और हाई-टेक कैमरों का इस्तेमाल

हज्ज के दौरान भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने और भीड़ को सही तरीके से मैनेज करने के लिए सऊदी प्रशासन एडवांस कैमरों और AI सिस्टम का उपयोग कर रहा है। लोक सुरक्षा निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-बस्सामी ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए भीड़ बढ़ने से पहले ही रास्ता बदल दिया जाएगा। इसके अलावा, ग्रैंड मस्जिद के धार्मिक मामलों के प्रमुख डॉ. अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने पुष्टि की है कि हज्ज यात्रियों को 60 से अधिक भाषाओं में सेवाएं दी जाएंगी ताकि दुनिया भर से आए लोगों को जानकारी हासिल करने में कोई दिक्कत न हो।

इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के लिए लगाए गए 5200 से ज्यादा टावर

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अब्दुल्ला अलस्वाहा ने मक्का और अन्य पवित्र स्थलों पर डिजिटल बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया। इस साल हज्ज यात्रियों को बेहतरीन कनेक्टिविटी देने के लिए 5,200 से अधिक टेलीकॉम टावर लगाए गए हैं। पूरे क्षेत्र में 100% 4G और 5G मोबाइल नेटवर्क कवरेज सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही, यात्रियों के सामान को सुरक्षित उनके कमरों तक पहुंचाने के लिए सऊदी पोस्ट की टीमें स्मार्ट कोडिंग और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म और लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों के माध्यम से ही बुकिंग करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज्ज 2026 की तारीखें क्या हैं और इसके लिए कौन सा ऐप जरूरी है?

हज्ज 2026 का आयोजन 25 मई से 30 मई 2026 के बीच होगा। इस यात्रा के लिए हज्ज यात्रियों के पास ‘Nusuk App’ और फिजिकल ‘Nusuk Card’ होना अनिवार्य है, जिसके बिना एंट्री नहीं मिलेगी।

क्या बिना परमिट के हज्ज करने पर पाबंदी है?

हां, सऊदी अरब ने “नो हज्ज विदाउट परमिट” नियम को पूरी सख्ती से लागू किया है। बिना परमिट के पवित्र स्थलों में घुसने वाले लोगों की पहचान के लिए ड्रोन और हाई-टेक कैमरों से निगरानी की जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.