सऊदी अरब में इस साल की हज यात्रा शुरू हो चुकी है। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने सभी हज यात्रियों के लिए नुसुक (Nusuk) स्मार्ट कार्ड को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना इस कार्ड के किसी भी यात्री को मक्का, मीना, अराफात और मुजदलिफा जैसी पवित्र जगहों पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह स्मार्ट कार्ड यात्रियों की पहचान और उनके कानूनी हज परमिट का एकमात्र आधिकारिक दस्तावेज है जिसे संभाल कर रखना बेहद जरूरी है।
नुसुक स्मार्ट कार्ड क्या है और यह क्यों जरूरी है?
नुसुक स्मार्ट कार्ड सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी किया गया एक विशेष पहचान पत्र है जो पेपर और डिजिटल दोनों रूपों में उपलब्ध है। यह कार्ड हज यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यात्री का पूरा नाम, उनके रहने का स्थान, ट्रांसपोर्ट की जानकारी और उनके आधिकारिक हज परमिट का पूरा विवरण दर्ज रहता है। हज यात्रियों को इसे हर समय अपने पास रखना होगा क्योंकि इसके बिना पवित्र स्थलों की सुरक्षा एजेंसियां एंट्री नहीं देंगी।
35 लाख से ज़्यादा बार स्कैन हुआ नुसुक कार्ड, मिलेंगे कई फायदे
सऊदी मंत्रालय के अनुसार, मक्का और अन्य पवित्र स्थलों के चेकपॉइंट्स पर अब तक 3.5 मिलियन (35 लाख) से अधिक बार इस नुसुक कार्ड को स्कैन किया जा चुका है। यह कार्ड भीड़ को नियंत्रित करने, खोए हुए यात्रियों को खोजने और परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में मदद कर रहा है। इसके अलावा नुसुक और तवक्कलना (Tawakkalna) मोबाइल ऐप के जरिए भी इस कार्ड को डिजिटल रूप में डाउनलोड और एक्टिवेट किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को फिजिकल कार्ड साथ लेकर चलने का दबाव नहीं रहता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बिना नुसुक स्मार्ट कार्ड के हज करने की अनुमति है?
नहीं, सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नुसुक कार्ड के बिना किसी भी व्यक्ति को मक्का, मीना और अराफात जैसी पवित्र जगहों पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नुसुक कार्ड को डिजिटल रूप में कैसे प्राप्त करें?
हज यात्री अपने नुसुक कार्ड को नुसुक मोबाइल एप्लीकेशन या तवक्कलना (Tawakkalna) ऐप के जरिए डिजिटल रूप में डाउनलोड कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर दिखा सकते हैं।