सऊदी अरब में हज 2026 के लिए सरकार ने बेहद सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब बिना परमिट के हज करना नामुमकिन होगा और ऐसा करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सऊदी सरकार का साफ कहना है कि जायरीनों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए परमिट लेना कानूनी जरूरत है। खास तौर पर प्रवासियों और विदेशी नागरिकों के लिए वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं।

हज परमिट और वीज़ा से जुड़े जरूरी नियम क्या हैं?

अंतरराष्ट्रीय जायरीनों के लिए सिर्फ ‘Hajj visa’ ही मान्य होगा। टूरिस्ट, विजिट या उमराह वीज़ा पर हज करने की अनुमति नहीं मिलेगी। सऊदी अरब में रहने वाले लोग Nusuk ऐप, Absher या Muqeem पोर्टल के जरिए अपना परमिट ले सकते हैं। सभी जायरीनों के लिए मेनिनजाइटिस का टीकाकरण करवाना अनिवार्य है।

मक्का में एंट्री और उमराह वीज़ा की समय सीमा क्या है?

13 अप्रैल 2026 से मक्का में एंट्री के लिए आधिकारिक परमिट जरूरी होगा। 18 अप्रैल से सिर्फ हज वीज़ा वाले लोग ही मक्का में रुक सकेंगे और अन्य वीज़ा धारकों को वहां जाने से रोका जाएगा। उमराह वीज़ा धारकों के लिए 18 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख है। इसी दिन से 31 मई 2026 तक उमराह परमिट पूरी तरह बंद रहेंगे।

नियम तोड़ने पर क्या सजा और जुर्माना लगेगा?

बिना परमिट हज करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और प्रवासियों को देश से बाहर (deport) भी किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अलावा, होटल और टूरिज्म सेंटर अगर नियमों का उल्लंघन करेंगे, तो उन पर 50,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है या उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

इवेंट तारीख / समय सीमा
वीज़ा जारी होना शुरू 8 फरवरी 2026
मक्का एंट्री पाबंदी (निवासियों के लिए) 13 अप्रैल 2026
उमराह वीज़ा एग्जिट डेडलाइन 18 अप्रैल 2026
इंटरनेशनल जायरीनों का आगमन 18 अप्रैल से 21 मई 2026
हज के संभावित दिन 24 मई से 29 मई 2026
उमराह परमिट फिर शुरू होंगे 31 मई 2026
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.