सऊदी अरब ने हज 2026 के लिए बहुत सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब मक्का और पवित्र स्थलों पर सिर्फ वही लोग जा सकेंगे जिनके पास आधिकारिक हज परमिट होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि विजिट वीज़ा पर आए लोग हज नहीं कर पाएंगे, जिससे लाखों प्रवासियों और पर्यटकों पर बड़ा असर पड़ेगा।
कौन जा सकता है हज और किन लोगों की एंट्री होगी बंद?
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय और हज एवं उमराह मंत्रालय ने बताया है कि केवल आधिकारिक परमिट वाले लोग ही पवित्र स्थलों में दाखिल हो सकेंगे। विजिट वीज़ा, टूरिस्ट ई-वीज़ा, फैमिली विजिट, पर्सनल विजिट और बिजनेस वीज़ा वाले लोगों को हज करने की अनुमति नहीं होगी। उमराह वीज़ा भी हज के लिए मान्य नहीं है और इसकी समय सीमा 18 अप्रैल 2026 तक ही थी।
प्रवासियों के लिए क्या हैं जरूरी नियम और तारीखें?
- परमिट की जरूरत: सऊदी में रहने वाले प्रवासियों (इकामा होल्डर्स) को भी अब अलग से हज परमिट लेना होगा, जो Absher या Muqeem प्लेटफॉर्म से मिलेगा।
- जरूरी तारीखें: मक्का में एंट्री पर पाबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू हो गई है। हज का मुख्य समय 25 मई से 29 मई 2026 के बीच रहेगा।
- बुकिंग और स्वास्थ्य: सभी यात्रियों को Nusuk ऐप के जरिए रहने और ट्रांसपोर्ट की बुकिंग पहले से करनी होगी। साथ ही पोलियो और मेनिनजाइटिस के टीके लगवाना अनिवार्य है।
- एंट्री विंडो: हज यात्रियों के लिए एंट्री 18 अप्रैल 2026 से शुरू हुई और आखिरी तारीख 21 मई 2026 तय की गई है।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई और किसे मिलेगी छूट?
मंत्रालय ने “बिना परमिट हज नहीं” के नारे के साथ चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के हज करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। हालांकि, GCC देशों के नागरिक, प्रीमियम रेजिडेंसी धारक और सऊदी नागरिकों की गैर-सऊदी मां जैसे कुछ खास लोगों को Absher प्लेटफॉर्म के जरिए आसानी से परमिट मिल सकेगा।
साथ ही, सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने हज के दौरान बिना लाइसेंस के खाना बनाने या स्टोर करने पर सख्त रोक लगा दी है। इस नियम को तोड़ने वालों को 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये (10 मिलियन SAR) तक का भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
