सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने मक्का और मदीना जाने वाले जायरीन के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। सरकार ने साफ कर दिया है कि पवित्र शहरों और मस्जिदों में किसी भी तरह के राजनीतिक या संप्रदायिक झंडे नहीं लगाए जाएंगे। इस आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मक्का और मदीना में क्या करना मना है?
मंत्रालय के आदेश के मुताबिक मक्का, मदीना, मस्जिद अल-हरम, मस्जिद-ए-नबवी और इन पवित्र स्थलों के आंगन में राजनीतिक या संप्रदायिक झंडे ले जाना पूरी तरह मना है। इसके अलावा, किसी भी तरह की नारेबाजी या शोर-शराबा करने पर भी पाबंदी लगाई गई है। यह नियम उन सभी रास्तों पर भी लागू होगा जो इन पवित्र मस्जिदों की ओर जाते हैं।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
यह चेतावनी हज 2026 के लिए बनाए गए सख्त नियमों और जुर्माने का हिस्सा है। हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक अल-रबिया ने पहले ही स्पष्ट किया था कि हज केवल इबादत का समय है, इसे राजनीतिक प्रदर्शन का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें सऊदी अरब से डिपोर्ट भी किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह नियम सिर्फ मस्जिद के अंदर लागू है?
नहीं, यह नियम मक्का, मदीना, पवित्र स्थलों, दोनों मस्जिदों के आंगन और वहां जाने वाले सभी रास्तों पर लागू होगा।
नियम उल्लंघन पर क्या सजा मिलेगी?
नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें सऊदी अरब से डिपोर्ट किया जा सकता है।
