सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक अल-रबिया ने हज 1447H की तैयारियों के बीच यात्रियों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मक्का में रहने वाले हज यात्री भीड़भाड़ और भीषण गर्मी से बचने के लिए पीक टाइम यानी ज़्यादा भीड़ वाले समय में अपनी रिहाइश के पास की मस्जिदों में ही नमाज़ पढ़ें। इस दौरान उन्हें मुख्य हरम शरीफ की तरफ जाने से बचने की सलाह दी गई है ताकि वे थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बच सकें।

भीड़ और भीषण गर्मी से बचने के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?

  • नमाज़ का स्थान: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे भीड़ वाले समय में अपनी रिहाइश के पास वाली मस्जिदों का इस्तेमाल करें।
  • अराफात में सावधानी: सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक के समय में यात्रियों को अपने कैंपों के अंदर ही रहने को कहा गया है।
  • निगरानी: सुरक्षा और फील्ड मॉनिटरिंग टीम इस बात का ध्यान रखेगी कि लोग बाहरी भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाएं।
  • उद्देश्य: यह कदम यात्रियों को अत्यधिक गर्मी और शारीरिक थकान से बचाने के लिए उठाया गया है।

नमाज़ के समय और इंतज़ार में क्या बदलाव हुए हैं?

इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने हज 2026 के यात्रियों की सुविधा के लिए अज़ान और इकामा के बीच के समय को कम करने का फैसला किया है। इसके तहत मक्का और पवित्र स्थलों की मस्जिदों में नए नियम लागू किए गए हैं।

  • फज्र की नमाज़: अज़ान और इकामा के बीच का समय 15 मिनट तय किया गया है।
  • अन्य नमाज़ें: ज़ुहर, असर, मग़रिब और ईशा की नमाज़ के लिए यह समय घटाकर सिर्फ 5 मिनट कर दिया गया है।
  • जुमे की नमाज़: जुमे का खुतबा और नमाज़ मिलाकर कुल समय 15 मिनट से ज़्यादा नहीं होगा।
  • तैयारी: मक्का और मदीना में 20,000 से ज़्यादा मस्जिदों को पूरी तरह तैयार किया गया है, जिनमें एयर कंडीशनिंग और साउंड सिस्टम का खास इंतज़ाम है।

हज यात्रियों के लिए अन्य ज़रूरी नियम क्या हैं?

सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने 15 मई 2026 को एक विस्तृत गाइड जारी की है ताकि हज यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके। इस गाइड में पैदल चलने वाले रास्तों और तवाफ व सई के रास्तों की पूरी जानकारी दी गई है। साथ ही यह साफ़ किया गया है कि बिना परमिट के हज करने की अनुमति नहीं होगी, इसलिए सभी यात्री अपने दस्तावेज़ पूरे रखें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अराफात में यात्रियों को किस समय कैंप के अंदर रहने की सलाह दी गई है?

भीषण गर्मी से बचने के लिए यात्रियों को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक अपने कैंपों के अंदर ही रहने का निर्देश दिया गया है।

नमाज़ के समय में क्या बदलाव किए गए हैं?

भीड़ कम करने के लिए फज्र की नमाज़ के लिए अज़ान और इकामा के बीच 15 मिनट और अन्य नमाज़ों के लिए केवल 5 मिनट का समय रखा गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.