सऊदी अरब में हज 2026 (1447 AH) की तैयारियां तेज़ी से शुरू हो गई हैं। मक्का के डिप्टी एमीर प्रिंस सौद बिन मिशाल ने हज और उमराह मंत्री डॉ. तौफीक अल-राबिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जेद्दा में एक अहम बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य मकसद जायरीन के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना था ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी इबादत पूरी कर सकें।

हज 2026 के लिए क्या तैयारियां की जा रही हैं?

मंत्री डॉ. तौफीक अल-राबिया ने पवित्र स्थलों पर सुविधाओं की तैयारी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने डिजिटल सेवाओं और लॉजिस्टिक सिस्टम की जानकारी दी, जिससे यात्रियों का सफर आसान होगा। प्रिंस सौद ने भरोसा दिलाया कि सऊदी नेतृत्व जायरीन की सुविधा के लिए हर मुमकिन संसाधन उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के विकास और पवित्र स्थलों पर इमरजेंसी हॉस्पिटल प्रोजेक्ट के दूसरे फेज पर भी काम चल रहा है।

हज यात्रियों के लिए ज़रूरी नियम और तारीखें क्या हैं?

सऊदी सरकार ने हज 2026 के लिए कुछ सख्त नियम और समय सीमा तय की है। जायरीन और एजेंसियों को इन तारीखों का खास ख्याल रखना होगा ताकि वीज़ा और रहने की व्यवस्था में कोई दिक्कत न आए।

विवरण तारीख/नियम
कैंप सर्विस कॉन्ट्रैक्ट 4 जनवरी 2026 तक पूरा करना होगा
मक्का और मदीना में आवास कॉन्ट्रैक्ट 1 फरवरी 2026 तक फाइनल करना होगा
हज वीज़ा आवेदन 20 मार्च 2026 से पहले जमा करना होगा
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Health Certificate) Masar प्लेटफॉर्म के जरिए अनिवार्य
प्रवेश कार्ड नुसुक (Nusuk) कार्ड अनिवार्य होगा
कुर्बानी का भुगतान केवल आधिकारिक हज ऑफिस के जरिए होगा

जायरीन के लिए डिजिटल सेवाओं पर क्या जोर है?

सरकार अब डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए हज प्रोजेक्ट्स की निगरानी कर रही है। परिवहन, वीज़ा और जागरूकता के क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं को बढ़ाया गया है, जो सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है। इसका मकसद यह है कि दुनिया भर से आने वाले लोग, जिनमें भारतीय प्रवासियों की संख्या भी बड़ी होती है, उन्हें कागजी कार्रवाई में कम और इबादत में ज्यादा समय मिले।