मक्का में हज 2026 के पवित्र सफर पर आए करीब 17 लाख से ज़्यादा हाजियों ने ईद-अल-अजहा के पहले दिन यानी 27 मई को रमी अल-जमरात (शैतान को कंकड़ मारने) की रस्म शुरू कर दी है। सऊदी अरब सरकार ने इस बार सुरक्षा और सेहत से जुड़े बहुत कड़े इंतजाम किए हैं ताकि हाजियों को तेज गर्मी में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों के मुताबिक पूरा काम बिना किसी भीड़भाड़ या हादसे के बहुत ही शांति से चल रहा है।
कैसे हो रही है रमी अल-जमरात की रस्म और क्या हैं नियम
इस रस्म के तहत हाजी जमरात अल-अकबा (सबसे बड़े पिलर) पर सात कंकड़ मारते हैं। यह काम 10 से 13 जिलहिज्ज तक चलता है। भीड़ को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने कड़े नियम बनाए हैं जिनका पालन करना सभी के लिए जरूरी है।
- रास्तों का विभाजन: जमरात ब्रिज को कई मंजिलों में बांटा गया है और हाजियों के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं ताकि भीड़ जमा न हो।
- सुरक्षा बलों की तैनाती: सुरक्षा बलों के जवान और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार हाजियों को सही रास्तों पर भेज रही हैं।
- तेज गर्मी से बचाव: अराफात में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मुस्तैद हैं।
17 लाख से ज़्यादा हाजियों के लिए की गई ये खास व्यवस्थाएं
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स ने बताया कि इस साल कुल 1,707,301 हाजी हज में शामिल हुए हैं, जिनमें 15,46,655 विदेशी और 160,646 घरेलू हाजी हैं। इन सभी के लिए परिवहन और स्वास्थ्य के बड़े इंतजाम किए गए हैं।
- परिवहन व्यवस्था: हाजियों को अराफात से मुजदलिफा लाने के लिए माशायर ट्रेन और 33,000 से ज्यादा बसों का इस्तेमाल किया गया।
- स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता फैसल अल-खैरात के अनुसार, अब तक हाजियों को 121,626 से ज्यादा स्वास्थ्य सेवाएं दी जा चुकी हैं।
- बिना परमिट पर पाबंदी: बिना वैध परमिट के हज करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नियम तोड़ने पर 20,000 रियाल का जुर्माना और 10 साल के बैन का नियम लागू है। सभी के पास नुसुक स्मार्ट कार्ड होना अनिवार्य किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रमी अल-जमरात की रस्म क्या है और यह कब होती है?
यह हज की एक मुख्य रस्म है जिसमें हाजी शैतान को कंकड़ मारते हैं। यह ईद-अल-अजहा के पहले दिन यानी 10 जिलहिज्ज से शुरू होकर 13 जिलहिज्ज तक चलती है।
बिना परमिट हज करने पर सऊदी अरब में क्या सजा है?
बिना वैध परमिट के हज करने पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, साथ ही देश से डिपोर्ट करके 10 साल के लिए दोबारा प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाता है।