सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं. जनरल अथॉरिटी फॉर रोड्स ने तीर्थयात्रियों के लिए एक खास रोड गाइड जारी की है. इसमें पड़ोसी देशों से मक्का पहुंचने के रास्तों और जरूरी नियमों की जानकारी दी गई है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी जो सड़क मार्ग से यात्रा करेंगे, उनके लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है.

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पड़ोसी देशों से मक्का जाने के रास्ते और दूरी की लिस्ट

सऊदी सरकार ने अलग-अलग देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सबसे बेहतर रास्ते तय किए हैं. सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए दूरी और रास्तों का ब्योरा नीचे टेबल में दिया गया है.

देश दूरी (किमी) रास्ता
यूएई (UAE) 1514 अल बथा – सलवा – अल होफूफ – रियाद – मक्का
कुवैत 1473 अल खफजी – अल नुअरीया – रियाद – मक्का
कुवैत 1277 अल रुक़ई – हफ़र अल बातिन – अल मजमाह – मक्का
बहरीन 1266 किंग फहद कॉजवे – अल खोब़र – रियाद – मक्का
कतर 1385 सलवा – अल होफूफ – रियाद – मक्का
ओमान 2150 एम्प्टी क्वार्टर रोड – उम्म अल ज़मौल – अल बथा – मक्का
इराक 1579 जुदैदत अरार – अरार – सककाह – मदीना – मक्का
यमन 1372 अल वदह – नजरान – अबहा – मक्का
जॉर्डन 1219 हलात अम्मार – तबुक – मदीना – मक्का
जॉर्डन 1545 अल हदीथा – अल कुरय्यात – सककाह – मदीना – मक्का

मक्का में एंट्री के नियम और भारी जुर्माना

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने मक्का में प्रवेश को लेकर बहुत सख्त नियम बनाए हैं. 13 अप्रैल 2026 से मक्का में एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है. अब केवल वही लोग अंदर जा सकेंगे जिनके पास आधिकारिक हज परमिट, मक्का रेजिडेंसी परमिट या वहां काम करने का आधिकारिक वर्क परमिट होगा.

अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के मक्का में घुसने की कोशिश करेगा, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही ऐसे लोगों को देश से बाहर निकाला जा सकता है और उन पर 10 साल तक का एंट्री बैन लगाया जाएगा. इसके अलावा, नुसुक (Nusuk) कार्ड अब एक अनिवार्य डिजिटल पहचान बन गया है, जिसके बिना मक्का, मस्जिद अल-हरम और पवित्र स्थलों में प्रवेश संभव नहीं होगा.

हज 2026 के लिए नई सुविधाएं और पहल

यात्रियों की सहूलियत के लिए इस बार कई नई डिजिटल और फिजिकल सेवाएं शुरू की गई हैं. जनरल अथॉरिटी फॉर रोड्स ने सड़कों की सुरक्षा के लिए AI तकनीक वाले स्कैनिंग उपकरण लगाए हैं. साथ ही SASCO के साथ मिलकर रास्तों में मोबाइल फ्यूल सर्विस और एयर-कंडीशन्ड मोबाइल रेस्ट एरिया की सुविधा दी गई है.

मंत्रालय ने ‘हज विदाउट ए बैग’ (Hajj Without a Bag) नाम की नई पहल शुरू की है. इसके तहत यात्रियों का सामान उनके देश के एयरपोर्ट से लिया जाएगा और सीधे मक्का या मदीना में उनके होटल तक पहुंचाया जाएगा. वहीं, ‘मक्का रूट इनिशिएटिव’ के जरिए अब यात्रियों का बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन और ई-वीजा उनके अपने देश में ही पूरा हो जाएगा, जिससे सऊदी पहुंचने के बाद समय बचेगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट के मक्का जाने पर क्या सजा होगी?

बिना आधिकारिक हज या वर्क परमिट के मक्का में प्रवेश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लग सकता है. साथ ही उन्हें डिपोर्ट किया जा सकता है और 10 साल तक सऊदी अरब आने पर रोक लग सकती है.

नुसुक (Nusuk) कार्ड क्या है और यह क्यों जरूरी है?

नुसुक कार्ड एक अनिवार्य डिजिटल पहचान है जो तीर्थयात्री के परमिट से जुड़ा होता है. यह मक्का, मस्जिद अल-हरम और पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए जरूरी है और इससे भीड़ प्रबंधन में मदद मिलती है.

हज विदाउट ए बैग सर्विस क्या है?

यह हज मंत्रालय की नई पहल है जिसमें यात्रियों का सामान उनके प्रस्थान एयरपोर्ट से इकट्ठा किया जाता है और सीधे मक्का या मदीना के उनके आवास पर पहुंचा दिया जाता है.