सऊदी अरब सरकार ने साल 2026 के हज सीजन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए हैं। सुरक्षा बलों ने शुक्रवार, 22 मई 2026 से बिना अनुमति वाले सभी प्रकार के वाहनों के पवित्र स्थलों में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 मई 2026 यानी 13 जिल हिजाह 1447 हिजरी तक लागू रहेगा। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों और प्रवासियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिना परमिट मक्का जाने वालों पर जुर्माना और प्रवासियों के लिए नियम
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने हज यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका पालन न करने वालों के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
- भारी जुर्माना: बिना वैध हज परमिट के मक्का या पवित्र स्थलों में प्रवेश करने का प्रयास करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- प्रवासियों के लिए डिपोर्टेशन: यदि कोई प्रवासी (Expat) बिना अनुमति के मक्का में प्रवेश करते हुए पाया गया, तो उसे सऊदी अरब से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उस पर अगले 10 साल के लिए देश में आने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
- अवैध परिवहन और मदद पर सजा: बिना परमिट वाले यात्रियों को ले जाने, उन्हें ठहराने या किसी भी प्रकार की मदद करने वाली कंपनियों या लोगों पर 100,000 सऊदी रियाल का जुर्माना, वाहन की जब्ती और जेल की सजा हो सकती है।
- विजिट वीजा वालों पर पाबंदी: विजिट वीजा धारकों को हज अवधि के दौरान मक्का में रहने या प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए उमराह परमिट भी अस्थाई रूप से निलंबित कर दिए गए हैं।
सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और पुलिस की कड़ी कार्रवाई
इस बार हज यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सऊदी प्रशासन बड़े पैमाने पर आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। सुरक्षा एजेंसियां भीड़ पर नजर रखने, नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चेहरे की पहचान करने वाले कैमरों का उपयोग कर रही हैं। सुरक्षा जांच के दौरान मक्का के प्रवेश द्वारों पर अवैध रूप से 10 लोगों को ले जा रहे 6 सऊदी नागरिकों और 1 विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा फर्जी हज परमिट और विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगने वाले 4 इंडोनेशियाई नागरिकों को भी पुलिस ने मक्का से हिरासत में लिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में बिना वैध हज परमिट के मक्का जाने पर क्या जुर्माना है?
बिना वैध हज परमिट के पकड़े जाने पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना देना पड़ सकता है और प्रवासियों को डिपोर्ट कर 10 साल के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है।
क्या विजिट वीजा धारक हज सीजन के दौरान मक्का जा सकते हैं?
नहीं, हज सीजन के दौरान विजिट वीजा धारकों को मक्का में प्रवेश करने या वहां रहने की सख्त मनाही है।
अवैध प्रवासियों को मक्का ले जाने वाले लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?
अवैध रूप से प्रवासियों को परिवहन या शरण देने पर 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना, वाहन की जब्ती और जेल की सजा का प्रावधान है।
